हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज को गलत छंटनी के आरोप में श्रम विभाग का नोटिस
श्रम आयुक्त कार्यालय ने नेशनल इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एम्प्लॉयज सीनेट (एनआईटीईएस) की शिकायत पर कंपनी को नोटिस जारी किया। एनआईटीईएस आईटी उद्योग में कार्यरत कर्मचारियों के कल्याण एवं लाभ के लिये काम करता है।
पुणे, 18 मई पुणे के श्रम आयुक्त कार्यालय ने हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज को अपने कर्मचारियों का तीन महीने का वेतन कथित रूप से नहीं देने और उन्हें नौकरी से निकाले जाने को लेकर नोटिस दिया है। कंपनी पर आरोप है कि उसने कोविड-19 संकट के दौरान मुनाफा बनाये रखने के लिये ऐसा किया है।
श्रम आयुक्त कार्यालय ने नेशनल इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एम्प्लॉयज सीनेट (एनआईटीईएस) की शिकायत पर कंपनी को नोटिस जारी किया। एनआईटीईएस आईटी उद्योग में कार्यरत कर्मचारियों के कल्याण एवं लाभ के लिये काम करता है।
हालांकि कंपनी ने आरोपों से इनकार करते हुए दावा किया है कि उसने सभी कर्मचारियों को समय पर 100 प्रतिशत वेतन दिया है और किसी की छंटनी नहीं की है।
श्रम अधिकारी एच एस चोभे ने कंपनी को दिये नोटिस में राज्य सरकार के 31 मार्च के निर्देश के अनुसार उपयुक्त कदम उठाने और इस बारे में श्रम आयुक्त कार्यालय को सूचना देने को कहा है। अधिकारी ने 15 मई को दिये नोटिस में कंपनी को किसी कर्मचारी बर्खास्त नहीं करने और न ही वेतन में कटौती करने को कहा है। ऐसा नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की बात कही गयी है।
इस बीच एक बयान में हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज के मानव संसाधन से जुड़े मुख्य लोक अधिकारी विश्वनाथ जोशी ने कहा, ‘‘हम श्रम विभाग को स्पष्ट करना चाहते हैं कि जो भी शिकायत की गयी है, पूरी तरह गलत और आधारहीन है। हेक्सावेयर में हमने सभी कर्मचारियों को 100 प्रतिशत वेतन समय पर दिया और कोई छंटनी नहीं की गयी है।’’
इस बीच, एनआईटीईएस के महासचिव हरप्रीत सलुजा ने कहा कि कंपनी की कार्रवाई से 200 से अधिक कर्मचारियों का वेतन और रोजगार जोखिम में पड़ गया है।’’
उन्होंने कहा कि कंपनी ने राज्य सरकार के निर्देशों, नियमों और नियमन का उल्लंघन किया है।
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