नयी दिल्ली, 15 दिसंबर राज्यसभा में बृहस्पतिवार को सदस्यों ने विशेष उल्लेख के जरिए लोक महत्व से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए जिनमें महिला आरक्षण विधेयक लाने, पुरानी पेंशन योजना की बहाली और बिहार के बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मांग शामिल थी।
बीजू जनता दल (बीजद) के सस्मित पात्रा ने जल्द से जल्द महिला आरक्षण विधेयक संसद से पारित कराने की सरकार से दरख्वास्त की।
उच्च सदन में विशेष उल्लेख के जरिए इस मुद्दे को उठाते हुए उन्होंने कहा, ‘‘महिला आरक्षण विधेयक का पारित होना देश की 66 करोड़ महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा, वह भी तब जब भारत अपनी आजादी के 75 साल और आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है।’’
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब भारत जी-20 की अध्यक्षता कर रहा है, महिला आरक्षण विधेयक को पारित कर वह विश्व के सामने एक नया कीर्तिमान स्थापित कर सकता है।
बीजद सदस्य ने कहा कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण उनको नेतृत्व के नए अवसर देगा और भारत को विश्व का सर्वश्रेष्ठ राष्ट्र बनाने में कारगर सिद्ध होगा।
पात्रा ने कहा कि ओडिशा के मुख्यमंत्री व उनकी पार्टी के अध्यक्ष नवीन पटनायक पिछले कई सालों से महिला आरक्षण विधेयक को संसद में पारित किए जाने की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में नवीन पटनायक ने 22 राजनीतिक दलों के पास बीजद का प्रतिनिधिमंडल भेजा था और इस विधेयक को संसद में पारित करने के लिए समर्थन मांगा था। उन्होंने कहा कि कई राजनीतिक दलों ने इस मुहिम को समर्थन भी दिया।
पात्रा ने कहा कि उनकी पार्टी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में 33 सीटों पर महिला प्रत्याशियों को टिकट दिया और उनमें से कई आज लोकसभा की सदस्य हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं विनम्रता के साथ फिर से अपनी मांग को दोहराता हूं कि महिला आरक्षण विधेयक को भारतीय संसद में जल्द से जल्द लाया जाए।’’
तृणमूल कांग्रेस की डोला सेन ने नयी पेंशन योजना पर चिंता जताते हुए कहा कि यह सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों के लिए त्रासदी साबित हो रही है।
सेन ने कहा कि वर्तमान योजना में पिछली पेंशन योजना का सिर्फ 15 प्रतिशत पेंशन लाभ ही कर्मचारियों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने पेंशन की पुरानी व्यवस्था बहाल करने के लिए सरकार से आग्रह किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘कर्मचारियों की चिंता का तत्काल समाधान किए जाने की आवश्यकता है। पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की आवश्यकता है।’’
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शंभू शरण पटेल ने पटना के समीप स्थित बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर भगवान बुद्ध, चंद्रगुप्त मौर्य या फिर चाणक्य के नाम पर किए जाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि बख्तियार खिलजी ने बिहार और बंगाल में कई लोगों का रक्त बहाया था और उसने विश्व प्रसिद्ध नालंदा विश्वविद्यालय को बर्बाद कर दिया था।
उन्होंने कहा, ‘‘जिस आक्रांता ने हमारे गौरवशाली इतिहास को रौंदा, उसके नाम पर रेलवे स्टेशन का नाम होना बिहारवासियों के लिए अभिशाप है।’’ उन्होंने रेल मंत्रालय से आग्रह किया कि जल्द से जल्द बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन का नाम बदला जाए।
भाजपा के ही रामचंद्र जांगड़ा ने किन्नर समाज के कुछ सदस्यों द्वारा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के प्रमुख चौक-चौराहों पर भीख मांगने का मुद्दा उठाया और सरकार से आग्रह किया कि वह इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए।
उन्होंने कहा, ‘‘किन्नर हमारे समाज का एक अंग हैं तथा भारत के नागरिक हैं। उन्हें उचित सम्मान दिया जाना चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि कुछ शहरी इलाकों में किन्नर वर्ग के जनप्रतिनिधि बहुत ही अच्छा काम कर रहे हैं और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं लेकिन आजकल इस समाज में भीख मांगने का प्रचलन बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रीय राजधानी के प्रमुख चौराहों पर लाल बत्ती आते ही दर्जनों की संख्या में किन्नर गाड़ी का शीशा ठोंकने लगते हैं। उनका व्यवहार इतना शर्मिंदा करने वाला होता है, कि परिवार के साथ गाड़ी में बैठे व्यक्ति को दो मिनट की लाल बत्ती का समय पहाड़ लगने लगता है।’’
उन्होंने कहा कि उनका सरकार से आग्रह है कि वह इस सामाजिक अपराध को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए।
भाजपा के एक अन्य सदस्य हरनाथ सिंह यादव ने सरकार से राज हिंदी का कड़ाई से पालन करने और देश की समस्त क्षेत्रीय व मातृ ओं के अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए दीर्घकालिक नीति निर्धारित करने की मांग की।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY