ताजा खबरें | ओडिशा को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की रास में हुई मांग

नयी दिल्ली, 21 दिसंबर राज्यसभा में बुधवार को बीजू जनता दल (बीजद) के एक सदस्य ने ओडिशा को विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग की।

बीजद सदस्य सस्मित पात्रा ने यह मांग करते हुए कहा कि ओडिशा राज्य को आए दिन बाढ़, तूफान, चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करता पड़ता है। उन्होंने कहा कि ओडिशा की यह मांग बहुत पुरानी है लेकिन सभी पूर्ववर्ती सरकारों ने इस मांग पर गौर नहीं किया।

विशेष उल्लेख के जरिए यह मांग करते हुए उन्होंने ओडिशा की भौगोलिक स्थिति एवं वहां की आबादी का जिक्र किया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसी आपदाओं से पूरा प्रदेश सालोंभर प्रभावित रहता है, लिहाजा इस विशेष स्थिति को देखते हुए राज्य को विशेष दर्जा दिया जाना चाहिए।

तृणमूल कांग्रेस के सुखेंदु शेखर राय ने कोविड महामारी की वजह से पश्चिम बंगाल के माल्दा जिले में मोहदीपुर आव्रजन जांच चौकी को बंद किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश से भारत आने वाले और यहां से उस देश में जाने वाले स्थानीय लोगों को इस चौकी के बंद होने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

राय ने विशेष उल्लेख के जरिेये यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि बांग्लादेश और भारत से बड़ी संख्या में पर्यटक, व्यापारी, कलाकार तथा अन्य लोग एक दूसरे देश में आते-जाते थे।

उन्होंने कहा ‘‘लेकिन माल्दा जिले के मोहदीपुर की आव्रजन जांच चौकी को बंद किए जाने से इन लोगों को दिक्कत हो रही है। यह जांच चौकी कोविड महामारी की वजह से बंद की गई थी। अब इस जांच चौकी को खोल दिया जाना चाहिए ताकि स्थानीय आव्रजकों की समस्या दूर हो।’’

जद (यू) के रामनाथ ठाकुर ने अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के जाति प्रमाणपत्र के नवीनीकरण की प्रक्रिया को आसान बनाने की मांग विशेष उल्लेख के जरिये उठाई।

बीजू जनता दल के सस्मित पात्रा ने ओडिशा के लिए विशेष राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग करते हुए कहा कि यह राज्य आए दिन बाढ़, तूफान, चक्रवात का सामना करता है। उन्होंने कहा कि ओडिशा की यह मांग बहुत पुरानी है और सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की वंदना चव्हाण ने बालकों का यौन हमले से संरक्षण कानून (पोक्सो कानून) में संशोधन की मांग करते हुए कहा कि कई बार आर्थिक अथवा अन्य कारणों के चलते अभिभावक इस कानून का दुरुपयोग करते हैं। उन्होंने कहा कि आपसी सहमति से यौन संबध बनाने की उम्र तय की जानी चाहिए।

भाजपा के राम शकल, बृजलाल, एस सेल्वागणपति, मिथिलेश कुमार, घनश्याम तिवाड़ी, किरोड़ीलाल मीणा, के लक्ष्मण, सुमित्रा बाल्मीक, दर्शना सिंह, जुगलसिंह लोखंडवाला, जी वी एल नरसिंहा राव, रामचंद्र जांगड़ा, कृष्णलाल पंवार, एस फान्गनॉन कोन्याक, तृणमूल कांग्रेस के जवाहर सरकार, डोला सेन, निर्दलीय अजित कुमार भुयान, अन्नाद्रमुक के एम थंबीदुरै, एमएनएफ सदस्य के वेलेल्वना, द्रमुक की कनिमोझी सोमू, बसपा के रामजी और झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ मांझी ने भी विशेष उल्लेख के जरिये लोक महत्व से जुड़े अपने-अपने मुद्दे उठाए।

इसके बाद सदन की बैठक कल बृहस्पतिवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

मनीषा ब्रजेन्द्र

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