जरुरी जानकारी | सीओएआई की नीलामी माध्यम से तत्काल ‘ई’ और ‘वी’ बैंड स्पेक्ट्रम आवंटित करने की मांग

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. दूरसंचार कंपनियों के संगठन सेल्युलर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने उच्च वाणिज्यिक मूल्य रखने वाले ‘ई’ और ‘वी’ बैंड स्पेक्ट्रम को नीलामी के रास्ते तत्काल आवंटित करने की सोमवार को मांग की। ताकि दूरसंचार सेवाप्रदाताओं तक इनकी पहुंच सुनिश्चित हो सके।

नयी दिल्ली, 28 सितंबर दूरसंचार कंपनियों के संगठन सेल्युलर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया (सीओएआई) ने उच्च वाणिज्यिक मूल्य रखने वाले ‘ई’ और ‘वी’ बैंड स्पेक्ट्रम को नीलामी के रास्ते तत्काल आवंटित करने की सोमवार को मांग की। ताकि दूरसंचार सेवाप्रदाताओं तक इनकी पहुंच सुनिश्चित हो सके।

सीओएआई ने इसी के साथ सरकार को इन स्पेक्ट्रम बैंड को लाइसेंस मुक्त बनाने या इसके प्रशासकीय आवंटन को लेकर कोई भी निर्णय करने के प्रति चेताया। उसका कहना है कि ऐसा करना मौजूदा नीतिगत ढांचे का उल्लंघन होगा। यह लाइसेंसधारक दूरसंचार कंपनियों के लिए असमान प्रतिस्पर्धा क्षेत्र का निर्माण करेगा और इससे सरकार को भी राजस्व हानि होगी।

यह भी पढ़े | Facebook आईडी का अगर भूल गए हैं पासवर्ड तो चिंता की कोई बात नहीं, ऐसे करें Password को रिसेट .

संचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद को लिख पत्र में सीओएआई ने सोमवार को पारदर्शी नीलामी प्रक्रिया के रास्ते तत्काल इन बैंड के स्पेक्ट्रम की आवंटन की मांग की।

सीओएआई ने जोर देकर कहा कि देश में 5जी व्यवस्था के लिए ये बैंड बहुत मूल्यवान संसाधन हैं। साथ ही ये बैंड मोबाइल ब्रॉडबैंड के लिए बैकहॉलिंग की अहम कड़ी भी हैं।

यह भी पढ़े | 7th Pay Commission: पारिवारिक पेंशन का नियम बदला, लाखों सरकारी कर्मचारियों को ऐसे होगा फायदा.

रेडियो तरंगों का उपयोग मोबाइल फोन को सिग्नल पहुंचाने में किया जाता है। इनको आम तौर पर स्पेक्ट्रम तक पहुंच उपलब्ध कराना कहते हैं। वहीं बैकहॉल स्पेक्ट्रम मोबाइल टावरों के बीच सिग्नल स्थापित करने के काम आता है।

सीओएआई ने कहा, ‘‘ उच्च वाणिज्यिक मूल्य वाले ‘ई’ और ‘वी’ बैंड को लाइसेंस मुक्त करने या प्रशासकीय आवंटन करने का कोई भी निर्णय प्रौद्योगिकी की दृष्टि से व्यावहारिक नहीं होगा। यह स्पेक्ट्रम आवंटन की मौजूदा नीतिगत ढांचे का उल्लंघन होगा जो माननीय उच्चतम न्यायालय के सिद्धांतों के खिलाफ होगा। यह न्यायालय की अवमानना होगा।’’

सीओएआई के महानिदेशक एस. पी. कोचर ने कहा कि इस तरह का कदम लाइसेंस धारक दूरसंचार कंपनियों के लिए असमान प्रतिस्पर्धा क्षेत्र का निर्माण करेगा। यह इन बैंड के प्रभावी उपयोग की गारंटी नहीं देगा और इससे सरकार को राजस्व की बड़ी हानि होगी।

‘ई’ बैंड के तहत 71-76 गीगाहर्ट्ज और 81-86 गीगाहर्ट्ज रेडियो तरंगे आती हैं। ‘वी’ बैंड के तहत 57-64 गीगाहर्ट्ज की रेडियो तरंगें होती हैं। यह तरंगें उच्च गति के इंटरनेट को भेजने में सक्षम होती हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

MI vs RCB, IPL 2026 20th Match Live Toss And Scorecard: वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या ने जीता टॉस, पहले गेंदबाजी करने का किया फैसला; यहां देखें दोनों टीमों की प्लेइंग इलेवन और लाइव स्कोरकार्ड

LSG vs GT, IPL 2026 19th Match Scorecard: गुजरात टाइटंस ने लखनऊ सुपर जायंट्स को 7 विकेट से हराया, जोस बटलर और शुभमन गिल ने खेली शानदार पारियां; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड

Satta Bazar Mein Aaj Kaunsi Team Favourite: वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच रोमांचक मुकाबले को लेकर सट्टा बाजार का माहौल गर्म, मैच के दिन ये टीम बनी फेवरेट

MI vs RCB, IPL 2026 20th Match Toss Winner Prediction: वानखेड़े स्टेडियम में मुंबई इंडियंस बनाम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच कौन होगा टॉस का बॉस? मैच से पहले जानें किस टीम के पक्ष में जा सकता है टॉस