नयी दिल्ली, 19 फरवरी दिल्ली की एक स्थानीय अदालत ने आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक अमानतुल्ला खान की उस याचिका पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सोमवार को नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने दिल्ली वक्फ बोर्ड की कथित अनियमितताओं से संबंधित धन शोधन मामले में उन्हें अग्रिम जमानत दिए जाने का अनुरोध किया है।
इस मामले में आरोप लगाया गया है कि वक्फ बोर्ड ने खान के इसके अध्यक्ष रहने के दौरान कर्मचारियों को नियुक्त करने और संपत्तियों को पट्टे पर देने में अनियमितता बरती थी।
विशेष न्यायाधीश राकेश सयाल ने केंद्रीय जांच एजेंसी से मंगलवार तक जवाब देने को कहा है। अदालत मंगलवार को इस याचिका पर दलीलें सुनेगी। याचिका में दावा किया गया है कि खान को मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए जाने की आशंका है।
निदेशालय ने हाल में दायर आरोप पत्र में आरोपी के रूप में ओखला से ‘आप’ के विधायक खान का नाम शामिल नहीं किया है।
निदेशालय ने अपनी अभियोजन शिकायत में पांच संस्थानों को नामजद किया है जिसमें खान के तीन कथित सहयोगी - जीशान हैदर, दाउद नासिर और जावेद इमाम सिद्दीकी शामिल हैं। प्रवर्तन निदेशालय की अभियोजन शिकायत आरोप पत्र के बराबर होती है।
एजेंसी ने पिछले साल अक्टूबर में खान और कुछ अन्य के परिसरों में छापे मारने के बाद दावा किया था कि ‘आप’ विधायक ने दिल्ली वक्फ बोर्ड में कर्मचारियों की अवैध भर्ती करने के अपराध से काफी धन प्राप्त किया और उसे अपने सहयोगियों के नाम से अचल संपत्ति खरीदने में निवेश किया।
उसने कहा कि कर्मचारियों की अवैध भर्ती और 2018-2022 के दौरान वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को गलत तरीके से पट्टे पर देकर आरोपियों द्वारा नाजायज व्यक्तिगत लाभ हासिल करने से संबंधित मामले में तलाशी ली गई थी। इस अवधि के दौरान खान बोर्ड के अध्यक्ष थे।
धन शोधन का यह मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एक प्राथमिकी और दिल्ली पुलिस में दर्ज तीन शिकायतों के आधार पर बना है।
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