नयी दिल्ली, 22 अप्रैल दिल्ली वक्फ बोर्ड ने मुस्लिम समुदाय से अपील की है कि वे कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए रमजान में घर में ही इबाबद करें। बोर्ड ने उसके तहत आने वाली मस्जिदों से महामारी से निपटने के दिशा-निर्देशों को लेकर जागरुकता फैलाने को भी कहा।
अधिकारी ने बताया कि बोर्ड के सीईओ एसएम अली ने शहर की सभी मस्जिदों, खासकर, उसके तहत आने वाली मस्जिदों के लिए परामर्श जारी किया है।
परामर्श के मुताबिक, लोगों को रमज़ान के दौरान घरों में ही रहकर नमाज़ पढ़नी चाहिए। मस्जिद में इमाम (नमाज़ पढाने वाले), मुअज़्ज़िन (अज़ान देने वाले) और मुतवल्ली (संरक्षक) ही नमाज़ पढ़ सकते हैं।
इसमें कहा गया है कि पाक महीने रमज़ान में कोरोना वायरस से राहत के लिए मस्जिदों में विशेष नमाज़ें पढ़ी जा सकती हैं।
अधिकारी ने बताया कि मस्जिदों से कहा गया है कि वे महामारी से संबंधित सरकार के विभिन्न दिशा-निर्देशों के बारे में जागरूकता फैलाएं। मस्जिदों से कहा गया है कि दिशा-निर्देशों को हर अज़ान के बाद चलाएं।
मुसलमानों के लिए सबसे पाक महीना रमज़ान शुक्रवार या शनिवार से शुरू हो सकता है। इस महीने में समुदाय के लोग रोज़ा रखते हैं और सूरज निकलने से लेकर डूबने तक कुछ नहीं खाते-पीते हैं।
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