दिल्ली हिंसा: याचिका पर शीघ्र सुनवाई की वृंदा की अर्जी पर अदालत ने पुलिस से मांगा जवाब
न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर की पीठ ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया और उसे शीघ्र सुनवाई की अर्जी पर जवाब दाखिल करने के लिये तीन हफ्ते का वक्त दिया।
नयी दिल्ली, 13 मई दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस साल फरवरी में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के सिलसिले में गिरफ्तार लोगों की सूची सार्वजनिक करने की याचिका की सुनवाई शीघ्र के लिये माकपा नेता वृंदा करात की अर्जी पर पुलिस से जवाब मांगा है।
न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर की पीठ ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया और उसे शीघ्र सुनवाई की अर्जी पर जवाब दाखिल करने के लिये तीन हफ्ते का वक्त दिया।
इस निर्देश के साथ पीठ ने सारे मामले को 17 जून को सुनवाई के लिये निर्धारित कर दिया।
मुख्य याचिका 16 जून को सुनवाई के लिये सूचीबद्ध है। इसमें यह मांग की गई है कि गिरफ्तार लोगों की सूची पुलिस नियंत्रण कक्ष और जिले में पुलिस थानों के बाहर लगाई जाए तथा उसे मामला-दर-मामला आधार पर अद्यतन किया जाए।
शीघ्र सुनवाई की अर्जी में कहा गया है कि पूरा देश कोविड-19 महामारी से जूझ रहा है और गृह मंत्रालय ने राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की, जिसके चलते लोगों को आवश्यक सेवाओं को छोड़ कर अन्य चीजों के लिये बाहर निकलने की इजाजत नहीं है।
अधिवक्ता तारा नरूला के मार्फत दायर याचिका में कहा गया है कि जब अदालतों तक सीमित पहुंच है और वकीलों की अनुपलब्धता है, ऐसे में दिल्ली पुलिस की ओर से यह अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है कि वह कानून का पालन करे, संबद्ध लोगों के स्वास्थ्य एवं मूल अधिकारों को ध्यान में रखते हुए दंड प्रक्रया संहिता (सीआरपीसी) के प्रावधानों का पालन करे।
इसमें यह कहा गया है कि हिंसा के मामलों के जांच के दौरान लोग अपने अधिकारों को उपयोग नहीं कर सकें और परिवार के सदस्यों को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किये गये या हिरासत में लिये गये व्यक्तियों के बारे में उपयुक्त सूचना नहीं दी गई।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 13, 2020 06:45 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

