देश की खबरें | दिल्ली : कोविड-19 के बढ़ते मामलों के बीच बाजारों में मॉस्क लगाने के नियम को लागू करने की कोशिश

नयी दिल्ली, 12 अगस्त दिल्ली में कोविड-19 के मामलों में तेजी से हो रही वृद्धि के बीच यहां के बाजारों के दुकानदार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि ग्राहक मॉस्क पहनकर आएं और सामाजिक दूरी का अनुपालन करें।

हालांकि, इन नियमों को लागू कराने में उन्हें मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि लोग लापरवाह हो गए हैं और प्रोटोकॉल का अनुपालन नहीं कर रहे हैं।

दिल्ली सरकार ने हाल में दोहराया है कि सार्वजनिक स्थानों पर मॉस्क पहनना अनिवार्य है और इसका उल्लंघन करने पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

कारोबारियों को डर है कि अगर मामले ऐसे ही बढ़ते रहे तो बाजारों पर पाबंदी लगाई जाएगी, जो अब भी मंहगाई और कोविड-19 महामारी की पिछली लहरों से उबरने की कोशिश कर रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के 2,726 नए मामले आए, जो पिछले करीब सात महीनों में सबसे अधिक हैं। कोविड के मामले बढ़ने के मद्देनजर लगाई जानेवाली पाबंदियों का पहला असर बाजार पर ही पड़ता है।

सरोजनी नगर मिनी मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक रंधावा ने कहा कि दुकानदारों ने ऐहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं, वे दुकानों के बाहर पोस्टर चस्पां कर रहे हैं जिसमें ग्राहकों को बताया जा रहा है कि मास्क पहनना अनिवार्य है।

रंधावा ने कहा, ‘‘कारोबारियों ने भी मास्क पहनना बंद कर दिया था, लेकिन आज मैंने जांच की और सभी कारोबारी मास्क पहने हुए थे। हम ग्राहकों से विनम्रतापूर्व मास्क पहनने को कह रहे हैं, लेकिन लोग लापरवाह हो गए हैं और हम उन्हें मजबूर नहीं कर सकते।’’

एसोसिएशन ने परिपत्र जारी किया है, जिसमें कारोबारियों को अनिवार्य ऐहतियात के बारे में जानकारी दी गई है। रंधावा के मुताबिक वे जल्द ही कोविड-19 टीकाकरण शिविर लगाने की भी योजना बना रहे हैं।

इसी प्रकार, पालिका बाजार के कारोबारियों का कहना है कि ग्राहक मास्क पहनने के नियम को गंभीरता से नहीं लेते।

पालिका बाजार एसोसिएशन के अध्यक्ष दर्शन लाल कक्कड़ ने कहा, ‘‘हम नियमित रूप से उन्हें मास्क पहनने के लिए कहते हैं, लेकिन उन्होंने इसे पहनना बंद कर दिया है। हम बार-बार उनसे ऐसा करने के लिए नहीं कह सकते क्योंकि इससे हमारे कारोबार पर असर पड़ सकता है। हम उन्हें केवल सलाह ही दे सकते हैं।’’

कक्कड़ और रंधावा दोनों ने ही चिंता जताई कि संक्रमण के मामलों के बढ़ने के साथ ही और अधिक पांबदी लगाई जा सकती है, जिसका असर उनके कारोबार पर पड़ सकता है।

गांधी नगर के होलसेल रेडीमेड गार्मेंट डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष के के बल्ली ने भी इसी तरह की चिंता जाहिर की और उम्मीद जताई कि संक्रमण के मामलों में कमी आएगी।

उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी सावधानी बरत रहे हैं। हम नहीं चाहते कि बाजारों में लॉकडाउन हो। कारोबारी पहले ही घाटे का सामना कर रहे हैं और कोविड-19 महामारी की एक और लहर को सह नहीं सकते। हम उम्मीद करते हैं कि कोविड-19 के नए मामलों में वृद्धि कम होगी।’’

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