नयी दिल्ली, 15 नवंबर कांग्रेस की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने बुधवार को पूर्व मंत्रियों के साथ ‘शैडो कैबिनेट’ की बैठक आयोजित की और राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के मुद्दे पर चर्चा की। पार्टी ने एक बयान में यह जानकारी दी।
लवली ने दावा किया कि प्रदूषण के कारण कई जिंदगियां गर्भ में ही दम तोड़ देती हैं, लेकिन केंद्र और दिल्ली सरकार ने समस्या का स्थायी समाधान खोजने के लिए कोई कार्ययोजना बनाने तक की जहमत नहीं उठाई है।
लवली ने आरोप लगाया कि दोनों सरकारों के नेता दिल्ली की समस्याओं से निपटने के बजाय दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं।
बयान के मुताबिक बैठक में सर्वसम्मति से दो प्रस्ताव पारित किए गए। पहले प्रस्ताव में उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से प्रदूषण मुद्दे पर चर्चा के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाने का अनुरोध किया गया जबकि दूसरे प्रस्ताव में उच्चतम न्यायालय की अध्यक्षता में एक उच्चाधिकार प्राप्त निगरानी समिति गठित करने का अनुरोध किया गया जिसमें न्यायाधीश, पर्यावरण विशेषज्ञ और नागरिक समाज के सदस्य शामिल हों।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी (डीपीसीसी) अध्यक्ष ने कहा कि बैठक में न केवल प्रदूषण की समस्या के कारणों पर चर्चा हुई बल्कि इसके स्थायी समाधान के लिए कदम उठाने का भी सुझाव दिया गया। बैठक में इस उद्देश्य के लिए एक ‘श्वेत पत्र’ भी पेश किया गया।
लवली ने कहा कि दिल्ली के पूर्व मंत्री तकनीकी मामलों सहित प्रदूषण के कारणों से अवगत हैं और उनके सुझाव महत्वपूर्ण हैं।
डीपीसीसी अध्यक्ष ने कहा कि वायु प्रदूषण का प्राथमिक कारण दिल्ली परिवहन निगम के बेड़े का विस्तार करने और मेट्रो स्टेशनों से अंतिम स्थान तक संपर्क सुनिश्चित करने में दिल्ली सरकार की विफलता है। उन्होंने कहा कि इसकी वजह से बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन सड़कों पर चलते और उनसे प्रदूषण का स्तर बढ़ता है।
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