देश की खबरें | दिल्ली पुलिस महिलाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम फिर शुरू करने के लिए तैयार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस के मामलों में कमी आने के बीच, दिल्ली पुलिस की महिलाओं एवं बच्चों के लिए विशेष पुलिस इकाई (एसपीयूडब्ल्यूएसी) ने आरडब्ल्यूए, एनजीओ, शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों को महिलाओं एवं लड़कियों के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम कराने के लिए पत्र लिखा है।
नयी दिल्ली, 12 सितंबर राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस के मामलों में कमी आने के बीच, दिल्ली पुलिस की महिलाओं एवं बच्चों के लिए विशेष पुलिस इकाई (एसपीयूडब्ल्यूएसी) ने आरडब्ल्यूए, एनजीओ, शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों को महिलाओं एवं लड़कियों के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम कराने के लिए पत्र लिखा है।
अधिकारियों ने रविवार को बताया कि एसपीयूडब्ल्यूएसी निशुल्क आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करती है लेकिन पिछले साल महामारी के कारण कुछ समय के लिए इसे बंद कर दिया गया था।
राष्ट्रीय राजधानी में स्कूल खुलने और अधिक लोगों के घरों से निकलने के साथ ही सहायक पुलिस आयुक्त (आत्मरक्षा, एसपीयूडब्ल्यूएसी) सुनीता शर्मा ने विभिन्न गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ), आवास कल्याण समितियों (आरडल्ब्यूए), शिक्षण संस्थानों, बीपीओ और अस्पतालों को पत्र लिखा है और उन्हें अपनी महिला कर्मियों एवं छात्राओं के लिए दिल्ली पुलिस के आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम की मेजबानी करने के लिए आमंत्रित किया है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इसके लिए शर्मा की इकाई के 45 से अधिक कर्मी जिला अधिकारियों के समन्वय में 15 पुलिस जिलों में मौजूद एनजीओ, स्कूलों, आरडब्ल्यूए, बीपीओ और अस्पतालों की जानकारी जुटाने का काम कर रहे हैं।
अधिकारी ने बताया, “जरूरी जानकारी एकत्र करने के बाद, हमारा हर कर्मी सदस्य उन विवरणों को सत्यापित करेगा और हर दिन कम से कम 15 ऐसे संगठनों से संपर्क करेगा ताकि उन्हें आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए राजी किया जा सके।”
उन्होंने बताया कि आत्मरक्षा प्रशिक्षण महिलाओं और बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाता है और उन्हें तत्काल मदद नहीं मिलने की स्थिति में खुद को बचाने के लिए तैयार करता है।
अधिकारियों ने कहा कि इस पहल के पीछे का विचार शहर में अधिक से अधिक महिलाओं और बच्चों को आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रदान करना है।
हाल ही में, एसपीयूडब्ल्यूएसी ने हौज खास में ‘नेशनल एसोसिएशन फॉर ब्लाइंड’ के लिए 15-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया था।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (एसपीयूडब्ल्यूएसी) ए देशपांडे ने कहा कि दृष्टिबाधित 30 महिलाओं और लड़कियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया और उन्होंने असामाजिक तत्वों से निपटने तथा हमले को रोकने का प्रशिक्षण दिया गया।
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