देश की खबरें | दिल्ली : 24 साल पुराने माहानि मामले में गिरफ्तारी के सात घंटे बाद मेघा पाटकर रिहा

नयी दिल्ली, 25 अप्रैल दिल्ली पुलिस ने सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर को उपराज्यपाल वी के सक्सेना द्वारा दायर 24 साल पुराने मानहानि मामले में शुक्रवार को गिरफ्तार करने के सात घंटे बाद रिहा कर दिया। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी।

इससे पहले दिन में, पाटकर को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दो दिन पहले राजधानी की एक अदालत ने मामले में परिवीक्षा बांड जमा नहीं करने के लिए उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था।

वी के सक्सेना बनाम मेधा पाटकर मामले में पाटकर द्वारा एक लाख रुपये का जमानत बांड जमा करने के बाद उन्हें शाम करीब साढ़े चार बजे रिहा कर दिया गया।

अब वह एक साल तक अदालत की निगरानी में रहेंगी और अगर उनकी ओर से कोई अनुचित व्यवहार पाया गया तो उन्हें पांच महीने की जेल की सजा काटनी होगी।

एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस की एक टीम सुबह करीब साढ़े नौ बजे दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में पाटकर के आवास पर पहुंची और उन्हें हिरासत में ले लिया।

पुलिस उपायुक्त (दक्षिण पूर्व) रवि कुमार सिंह ने कहा, ‘‘हमने एनबीडब्ल्यू (गैर-जमानती वारंट) तामील कर दिया है और मेधा पाटकर को गिरफ्तार कर लिया गया है।’’

यह गिरफ्तारी तब हुई जब अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विशाल सिंह ने आठ अप्रैल को पाटकर (70) को एक साल की परिवीक्षा दी, जिसमें कहा गया कि अपराध कारावास के लायक नहीं है और नर्मदा बचाओ आंदोलन (एनबीए) के नेता के रूप में योगदान के साथ ही उनकी कई उपलब्धियों का जिक्र किया।

आदेश के अनुसार, पाटकर को 23 अप्रैल तक परिवीक्षा बांड प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, रिकॉर्ड पर कोई अनुपालन नहीं होने के कारण, अदालत ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था।

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