देश की खबरें | दिल्ली शराब बारकोड परियोजना: कैग ने कार्यान्वयन एजेंसी को 24 करोड़ के अनुचित लाभ की बात कही

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की एक रिपोर्ट में आबकारी आपूर्ति शृंखला सूचना प्रबंधन प्रणाली (ईएससीआईएमएस) में वित्तीय अनियमितताओं को चिन्हित किया गया है और कहा गया है कि कार्यान्वयन एजेंसी को 24.23 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ दिया गया।

नयी दिल्ली, 25 फरवरी नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की एक रिपोर्ट में आबकारी आपूर्ति शृंखला सूचना प्रबंधन प्रणाली (ईएससीआईएमएस) में वित्तीय अनियमितताओं को चिन्हित किया गया है और कहा गया है कि कार्यान्वयन एजेंसी को 24.23 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ दिया गया।

नवनिर्वाचित दिल्ली विधानसभा में सोमवार को पेश की गई सीएजी या कैग की रिपोर्ट ‘‘दिल्ली में शराब के विनियमन और आपूर्ति पर निष्पादन लेखा परीक्षा रिपोर्ट’ से पता चला है कि शराब की उन बोतलों के लिए भुगतान किया गया था, जिन्हें बिक्री केन्द्र (पीओएस) पर बारकोड स्कैनिंग के माध्यम से प्रमाणित नहीं किया गया था।

रिपोर्ट के अनुसार, कार्यान्वयन एजेंसी (आईए) को दिसंबर 2013 से नवंबर 2022 की अवधि के दौरान लाभ मिला।

फरवरी 2010 में, दिल्ली मंत्रिमंडल ने फैसला किया था कि तस्करी को रोकने के लिए शहर में बेची जाने वाली सभी शराब के लिए बारकोडिंग शुरू की जाएगी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि बोली प्रक्रिया के माध्यम से चयनित आईए के माध्यम से कार्यान्वित ईएससीआईएमएस परियोजना में ‘‘सभी शराब की बारकोडिंग, इन्वेंट्री प्रबंधन और सभी हितधारकों (आबकारी विभाग, थोक लाइसेंसधारक और खुदरा दुकानों) के लिए भुगतान समाधान’’ शामिल रहे।

ऑडिट में पाया गया कि दिसंबर 2013 और नवंबर 2022 के बीच, बारकोड प्रमाणीकरण की राशि 65.88 करोड़ रुपये थी, जबकि बनाई गई वास्तविक भुगतान देयता 90.11 करोड़ रुपये थी।

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