देश की खबरें | दिल्ली उच्च न्यायालय में कोविड-19 महामारी के दौरान ऑनलाइन सुनवाई के लिये 13 हजार मामले सूचीबद्ध
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नयी दिल्ली, 21 अगस्त कोविड-19 महामारी के दौरान बीते पांच महीनों से ऑनलाइन सुनवाई कर रहे दिल्ली उच्च न्यायालय में इस दौरान 13 हजार मामले सूचीबद्ध किये गए जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि महामारी के दौरान जीवन और स्वतंत्रता तथा लोक महत्व से जुड़े महत्वपूर्ण मामले दायर हों, उन पर सुनवाई हो और उनका निस्तारण हो सके।
वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये उच्च न्यायालय ने 24 मार्च से सुनवाई शुरू की थी और इस दौरान ग्रीष्मकालीन अवकाश रद्द करने जैसे कई अहम प्रशासनिक कदम उठाए जिससे लॉकडाउन के दौरान जाया हुए समय की भरपाई की जा सके।
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मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल ने क्रमिक रूप से अदालतों में भौतिक कार्रवाई शुरू करने के लिये वरिष्ठ न्यायाधीशों की एक समिति बनाई है, उच्च न्यायालय की सभी पीठ वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये सुनवाई कर रही हैं, जेलों में भीड़ कम करने के लिये कदम उठाए गए हैं और ई-लोक अदालतों का आयोजन भी किया गया।
उच्च न्यायालय फिलहाल अदालतों को चरणबद्ध तौर पर भौतिक रूप से शुरू करने की प्रक्रिया पर भी काम कर रहा है।
उच्च न्यायालय द्वारा शुक्रवार को जारी किये गए एक बयान में कहा गया कि वैश्विक महामारी की वजह से समूचा देश बंद था और आम तौर पर वकीलों, वादियों और गवाहों से भरी रहने वाली अदालतें भी अपवाद नहीं थीं।
इसमें कहा गया, “इसलिये वायरस का प्रसार रोकने के लिये राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र समेत पूरे देश की अदालतों में भौतिक कामकाज स्थगित था। हालांकि इस मौके पर सभी न्यायिक प्रतिष्ठान आगे आए और नवोन्मेषी तरीकों का इस्तेमाल कर यह सुनिश्चित किया कि सभी आवश्यक मामलों की समुचित सुनवाई हो और सूचना प्रौद्योगिकी उपकरणों की मदद से नागरिकों की न्याय तक पहुंच सुलभ हो।”
उच्च न्यायालय में एक अप्रैल से 31 जुलाई के बीच विभिन्न पीठों के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये 13,000 मामले सूचीबद्ध हुए और पक्षों को सुनने के बाद करीब 2800 मुख्य मामले और करीब 11,000 अन्य याचिकाओं को निस्तारित किया गया।
इस अवधि के दौरान रजिस्ट्री ने 21,000 नए मुख्य मामलों/अन्य याचिकाओं का पंजीकरण किया और 196 जनहित याचिकाएं भी दी गई, जिनमें से 155 का निस्तारण किया गया।
दिल्ली की जिला अदालतों में करीब 67,000 मामले सूचीबद्ध हुए जिन पर इस अवधि के दौरान सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये हुई। इसके अलावा 3700 मामलों में फैसला सुनाया गया।
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(The above story first appeared on LatestLY on Aug 21, 2020 08:19 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

