देश की खबरें | दिल्ली सरकार ने उच्च न्यायालय से कहा, कोविड-19 हेल्पलाइन, एम्बुलेंस की संख्या में बढ़ोतरी कर रहे
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में दावा किया कि उसने कोविड-19 से संबंधित हेल्पलाइन 1031 की क्षमता में इजाफा किया है और एम्बुलेंस के बेड़े को बढ़ाने का भी प्रस्ताव किया है ताकि वायरस की चपेट में आए प्रत्येक व्यक्ति को त्वरित इलाज उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जा सके।
नयी दिल्ली, आठ जून आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में दावा किया कि उसने कोविड-19 से संबंधित हेल्पलाइन 1031 की क्षमता में इजाफा किया है और एम्बुलेंस के बेड़े को बढ़ाने का भी प्रस्ताव किया है ताकि वायरस की चपेट में आए प्रत्येक व्यक्ति को त्वरित इलाज उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जा सके।
एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ के समक्ष ये दावा किया गया। उच्च न्यायालय ने एक वीडियो क्लिप का स्वत: संज्ञान लेकर जनहित याचिका के तौर पर सुनवाई शुरू की थी, जिसमें एक व्यक्ति ने दावा किया था कि उसे अपनी मां को कोरोना वायरस संक्रमित पाए जाने के बाद अस्पताल में भर्ती करवाने के लिए दर-दर की ठोकर खानी पड़ी।
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दिल्ली सरकार के अतिरिक्त स्थायी वकील अनुज अग्रवाल ने कहा कि आप और केंद्र सरकार की दलीलों पर गौर करने के बाद पीठ ने कई निर्देश जारी किए, जिसमें डॉक्टर की सलाह को ध्यान में रखते हुए जितना संभव हो सके सभी मरीजों का परीक्षण किया जाना शामिल है।
अग्रवाल ने कहा कि पीठ ने यह भी निर्देश दिया कि राज्य अथवा विभाग द्वारा मरीजों से संपर्क करने में होने वाली देरी के मुद्दे को भी आईसीएमआर के साथ सलाह-मशविरा करके हल करें।
विस्तृत आदेश की प्रतीक्षा है।
सुनवाई के दौरान, दिल्ली सरकार के स्थायी वकील (अपराध) राहुल मेहरा और अग्रवाल ने अदालत को बताया कि हेल्पलाइन 1031 में लाइनों की संख्या में बढ़ोतरी करके इसकी क्षमता को और बढ़ाया जाएगा ताकि बिना देरी और इंतजार किए अधिक कॉल सुनी जा सकें।
उन्होंने पीठ को यह भी सूचित किया कि दिल्ली सरकार जून के अंत तक एम्बुलेंस की संख्या में इजाफा करने को लेकर भी प्रयासरत थी।
साथ ही उन्होंने कहा कि पहले एम्बुलेंस की उपलब्धता को लेकर कुछ समस्या थी लेकिन उसके हस्तक्षेप के बाद लगभग सभी कोविड-19 से संबंधित कॉल पर एम्बुलेंस मुहैया करायी जा रही है।
दिल्ली सरकार की ओर से जारी ''दिल्ली कोरोना'' मोबाइल ऐप के बारे में भी अदालत को सूचित किया गया, जिसके जरिए कोविड-19 के मरीजों के लिए अस्पतालों में बिस्तर और वेंटिलेटर की उपलब्धता का पता लगाया जा सकता है।
निर्देश देने के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 25 जून के लिए सूचीबद्ध की।
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