देश की खबरें | दिल्ली सरकार के विभागों ने ‘आप’ की योजनाओं से दूरी बनाई, व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने को कहा
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को सार्वजनिक नोटिस जारी कर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) की महिलाओं को 2,100 रुपये और बुजुर्गों को मुफ्त इलाज देने की योजनाओं से खुद को अलग कर लिया, जिससे विधानसभा चुनावों से पहले एक नया विवाद खड़ा हो गया है।
नयी दिल्ली, 25 दिसंबर दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार को सार्वजनिक नोटिस जारी कर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) की महिलाओं को 2,100 रुपये और बुजुर्गों को मुफ्त इलाज देने की योजनाओं से खुद को अलग कर लिया, जिससे विधानसभा चुनावों से पहले एक नया विवाद खड़ा हो गया है।
दोनों विभागों ने लोगों को आगाह किया कि ‘‘अस्तित्वहीन’’ योजनाओं में पंजीकरण के नाम पर किसी से भी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें और कहा कि किसी भी निजी व्यक्ति या राजनीतिक दल द्वारा इस तरह के फॉर्म भरवाना या जानकारी एकत्र किया जाना ‘‘धोखाधड़ी’’ है।
यह घटनाक्रम, ‘आप’ नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना के लिए लोगों के पंजीकरण की कवायद शुरू करने के कुछ दिनों बाद सामने आया जिस पर ‘आप’ संयोजक अरविंद केजरीवाल ने नाखुशी जाहिर की है।
पंजीकरण अभियान की अगुवाई कर रहे केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इन दोनों योजनाओं से घबरा गई है और दावा किया कि आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री आतिशी को ‘‘फर्जी’’ मामले में गिरफ्तार किया जा सकता है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘महिला सम्मान योजना और संजीवनी योजना से ये लोग बुरी तरह से बौखला गए हैं। अगले कुछ दिनों में फर्जी मामला बनाकर आतिशी जी को गिरफ्तार करने का इन्होंने ‘प्लान’ बनाया है। उसके पहले ‘आप’ के वरिष्ठ नेताओं पर छापेमारी की जाएगी।’’
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने मंगलवार को दावा किया था कि उन्होंने दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सचिव से बात की और उन्हें बताया गया कि ‘‘संजीवनी योजना’’ नाम से कोई योजना ही नहीं है।
दोनों योजनाओं की घोषणा केजरीवाल ने अगले साल फरवरी में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों से पहले की थी और ‘आप’ ने योजनाओं के लिए पंजीकरण शुरू कर दिया।
‘आप’ के नेताओं को भरोसा है कि यह कदम मतदाताओं को लुभाने में मदद करेगा क्योंकि कई जानकारों का मानना है कि ऐसी योजनाएं कई राज्यों में चुनावों में सत्तारूढ़ दलों को सत्ता में बनाए रखने में महत्वपूर्ण साबित हुई हैं।
विभाग द्वारा जारी सार्वजनिक नोटिस में कहा गया, ‘‘मीडिया की खबरों और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से महिला एवं बाल विकास विभाग के संज्ञान में लाया गया है कि एक राजनीतिक दल दिल्ली में महिलाओं को मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना के तहत 2100 रुपये प्रति माह वितरित करने का दावा कर रहा है।’’
इसमें कहा, ‘‘यह स्पष्ट किया जाता है कि दिल्ली सरकार द्वारा ऐसी कोई योजना अधिसूचित नहीं की गई है।’’
यह भी कहा गया कि जब योजना शुरू होती है तो विभाग पात्र लोगों के लिए उचित दिशा-निर्देशों के अनुसार अपने आवेदन ऑनलाइन जमा करने के लिए एक पोर्टल शुरू करेगा।
नोटिस में कहा गया कि चूंकि ऐसी कोई योजना है ही नहीं, इसलिए इसके तहत पंजीकरण कराने का सवाल ही नहीं उठता।
इसमें कहा गया है, ‘‘कोई भी निजी व्यक्ति/राजनीतिक दल मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना के नाम पर ऐसे आवेदन एकत्र कर रहा है या आवेदकों से जानकारी एकत्र कर रहा है तो यह धोखाधड़ी है।’’
नोटिस में लोगों को आगाह किया गया है कि योजना के नाम पर व्यक्तिगत विवरण और पैन खाता संख्या, फोन नंबर या वोटर आईडी जैसी संवेदनशील जानकारी देने से साइबर और बैंकिंग धोखाधड़ी सहित अपराध हो सकते हैं।
आप सरकार ने दिल्ली में 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी पात्र महिलाओं को 1000 रुपये प्रति माह देने करने के लिए बजट 2024-25 में महिला सम्मान योजना की घोषणा की थी।
केजरीवाल ने हाल ही में वादा किया कि अगर ‘आप’ सत्ता में वापस आती है तो यह राशि बढ़ाकर 2100 रुपये प्रति महिला की जाएगी।
स्वास्थ्य एवं परिवार विभाग के सार्वजनिक नोटिस में इसी तरह लोगों को ‘आप’ प्रमुख द्वारा 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के सरकारी और निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज के लिए घोषित ‘‘संजीवनी योजना’’ के बारे में आगाह किया गया है।
खारी नरेश
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(The above story first appeared on LatestLY on Dec 25, 2024 02:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

