देश की खबरें | दिल्ली में आई बाढ़ ‘आप’ सरकार की ‘ निष्क्रियता और भ्रष्टाचार’का नतीजा : भाजपा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को आरोप लगाया कि दिल्ली में बाढ़ के लिए यहां की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की निष्क्रियता और भ्रष्टाचार जिम्मेदार है। पार्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल स्थिति से निपटने में ‘असफल’ रहने के लिए जनता से माफी मांगे।

नयी दिल्ली, 15 जुलाई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शनिवार को आरोप लगाया कि दिल्ली में बाढ़ के लिए यहां की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की निष्क्रियता और भ्रष्टाचार जिम्मेदार है। पार्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल स्थिति से निपटने में ‘असफल’ रहने के लिए जनता से माफी मांगे।

यहां आयोजित संवाददाता सम्मेलन में भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया और पार्टी सांसद प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि दिल्ली में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई क्योंकि केजरीवाल सरकार ने गत आठ साल में यमुना से गाद निकालने के लिए काम नहीं किया।

भाटिया ने कहा, ‘‘आप और केजरीवाल अपने भ्रष्टाचार और निष्क्रियता से बचने के लिए बहाना बना रहे हैं। जिस तरह से उन्होंने कोविड-19 और प्रदूषण के दौरान केंद्र और अन्य राज्यों को जिम्मेदार ठहराया था उसी तरह अब वह दिल्ली में आई बाढ़ के लिए हरियाणा को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।’’

उन्होंने कहा कि केंद्र, सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), दिल्ली के उप राज्यपाल और अन्य एजेंसियां लोगों को राहत पहुंचाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं जबकि ‘आप’ नेता और केजरीवाल सरकार के मंत्री शहर में आई बाढ़ के लिए ‘साजिश’का आरोप लगा रहे हैं।’’

वर्मा ने दावा किया इस साल 23 मई को हुई बैठक में मानसून के दौरान यमुना में कितना पानी छोड़ा जाएगा और दिल्ली की आप सरकार यह जानती थी।

भाटिया ने सवाल किया कि केजरीवाल सरकार ने नदियों की सफाई के लिए केंद्र द्वारा दिए गए 6800 करोड़ रुपये में से कितनी राशि यमुना से गाद निकालने पर व्यय की।

उन्होंने आरोप लगाया कि आप सरकार जल निकासी की उचित व्यवस्था करने में असफल रही और समय से दिल्ली के नालियों की सफाई नहीं कराई जिसकी वजह से बड़े पैमाने पर जल जमाव की स्थिति की उत्पन्न हुई।

भाटिया ने आरोप लगाया, ‘‘वर्ष 2013 से 2019 के बीच हथिनीकुंड बैराज से यमुना में आठ लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस साल केवल 3.5 लाख क्यूसेक पानी ही छोड़ा गया और इससे भी दिल्ली में बाढ़ आ गई। यह इसलिए हुआ क्योंकि केजरीवाल की प्राथमिकता काम करना नहीं बल्कि बहाने बनाना है।’’

उन्होंने कहा कि केजरीवाल को दिल्ली की स्थिति के लिए लोगों से माफी मांगनी चाहिए।

वर्मा ने आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार और ‘आप’ के नेता अपनी असफलता के लिए केंद्र और हरियाणा को जिम्मेदार ठहराने एवं राजनीति करने में संलग्न हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘वे इसका उत्तर नहीं दे रहे हैं कि यमुना से गाद निकालने का काम पिछले साल क्यों नहीं हुआ। दिल्ली केजरीवाल सरकार की वजह से 45 साल के बाद बाढ़ का सामना कर रही है क्योंकि उसने स्थिति का आकलन करने और जरूरी तैयारी करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।’’

उन्होंने कहा कि जब मुख्यमंत्री को मानसून की तैयारियों में व्यस्त होना चाहिए तब केजरीवाल ‘नरेन्द्र मोदी को हराने’के लिए देशभर के विपक्षी नेताओं से बैठक करने में व्यस्त थे।

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