नयी दिल्ली, 15 जून दिल्ली की अदालत ने सोमवार को एक व्यक्ति को पशु क्रूरता के संदेह में जब्त उसकी छह गायों को लौटाने का निर्देश दिया।
अदालत ने कहा कि वह पशुओं की ठीक से देखभाल करे और उनका वध अथवा चोट नहीं पहुंचाए।
मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट विजयश्री राठौड़ ने पशुओं के मालिक इरशाद को निर्देश दिया कि वह जानवरों का जरूरी इलाज कराए, उचित खाना-पानी दे और ठीक से देखभाल करे।
अदालत ने जानवरों को उसके मालिकों को देने का आदेश तब दिया जब इरशाद के खिलाफ जानवरों के प्रति क्रूरता साबित करने संबंधी कोई सामग्री प्रस्तुत नहीं की गई।
यह भी पढ़े | कोरोना संकट के बीच 16 जून से मुंबई एयरपोर्ट पर हर दिन होगा 100 फ्लाइट्स का परिचालन.
अदालत ने कहा कि मामले के निपटारे तक आवेदक (इरशाद) पशुओं के वध, नुकसान पहुंचाने आदि कार्य नहीं करेगा और न ही इनकी बिक्री करेगा।
इरशाद के वकील ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल ने इन पशुओं को अपनी जीविका चलाने के लिए खरीदा था और उत्तर प्रदेश के शामली जिले में स्थित अपने घर ले जाने के लिए ट्रक पर लादा था।
उन्होंने बताया कि इरशाद को पुलिस ने रास्ते में रोका और पशुओं को जब्त कर लिया।
पुलिस ने इरशाद के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा-429 (पशुओं को मार या अपंग कर अनिष्ट करना) और धारा-188 (सरकारी अधिकारी के आदेश की अवेहलना) के तहत मामला दर्ज किया।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY