नयी दिल्ली, 22 मार्च दिल्ली सरकार ने वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 9,742 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। पिछले साल आवंटित राशि से यह रकम मामूली कम है। वित्त मंत्री कैलाश गहलोत ने बुधवार को यह घोषणा की।
विधानसभा में बजट पेश करते हुए गहलोत ने कहा कि आम आदमी मोहल्ला क्लिनिक में नि:शुल्क नैदानिक परीक्षणओं की संख्या 256 से बढ़ाकर इस साल 450 कर दी जाएगी।
गहलोत ने कहा, ‘‘शिक्षा के अलावा, स्वास्थ्य एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है जिसपर केजरीवाल सरकार ध्यान दे रही है। 2023-24 के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र को 9,742 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।’’
मंत्री ने कहा, ‘‘दिल्ली में 515 आम आदमी मोहल्ला क्लीनिक, चार महिला मोहल्ला क्लीनिक, 174 एलोपैथिक डिस्पेंसरी, 60 प्राथमिक शहरी स्वास्थ्य केन्द्र (पीयूएचसी), 30 पॉलीक्लीनिक और 39 मल्टीस्पेशियालिटी अस्पताल हैं जो शहर के बेहतर स्वास्थ्य की रीढ़ हैं।’’
गहलोत ने कहा, ‘‘आम आदमी मोहल्ला क्लीनिक में होने वाले नैदानिक परीक्षणों की संख्या इस साल 256 से बढ़ाकर 450 कर दी जाएगी।’’
गहलोत ने कहा कि बजट में 100 महिला मोहल्ला क्लीनिक खोलने का प्रस्ताव है। साथ ही नौ नए अस्पतालों का निर्माण हो रहा है जिनमें से चार इस साल काम करने लगेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘अभी तक 15 अस्पतालों को विस्तार कर उन्हें आधुनिक बनाया जा रहा है। शहर के अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या 14,000 से बढ़कर 30,000 हो गई है। पिछले दो साल में एम्बुलेंस की संख्या 250 से बढ़कर 395 हो गयी है। इस साल और 38 एम्बुलेंस इस बेड़े में शामिल की जाएंगी।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY