नयी दिल्ली, 16 सितंबर नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने शनिवार को कहा कि राजस्थान सरकार की जमीन सौंपने की ‘अस्थिर प्रतिक्रिया और धीमी गति’ के कारण कोटा में एक हवाईअड्डे के विकास में देरी हुई है।
सिंधिया ने यह बयान राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा कोटा में प्रस्तावित नए हवाईअड्डे के निर्माण में देरी के लिए केंद्र सरकार को दोषी ठहराए जाने के बाद दिया है।
सिंधिया ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, “राज्य सरकार द्वारा जमीन सौंपने में आगे-पीछे करना, अस्थिर सुस्त प्रतिक्रिया और धीमी गति के कारण कोटा हवाई अड्डे के विकास की प्रक्रिया में देरी हुई है। इससे पता चलता है कि मुख्यमंत्री गहलोत जी को राज्य में कोटा हवाईअड्डे या नागरिक उड्डयन के विकास में सबसे कम दिलचस्पी है।”
सिंधिया ने कहा कि आज तक राजस्थान सरकार ने भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण (एएआई) के लिए केवल 33.4 हेक्टेयर भूमि आवंटित की है, जबकि प्रस्तावित भूमि की जरूरत 440 हेक्टेयर है।
सिंधिया के अनुसार, नागर विमानन मंत्रालय (एमओसीए) और एएआई ने कई बार याद दिलाया लेकिन राज्य सरकार ने शेष भूमि के आवंटन की प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं की है।
उन्होंने कहा, “इसे अब भी अपने विभागों के भीतर संबंधित राशि जमा करना बाकी है।”
अनुराग प्रेम
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)












QuickLY