एजेंसी न्यूज

देश की खबरें | रक्षा मंत्रालय ने पांच बेड़ा सहायक पोत हासिल करने के लिए एचएसएल के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किये

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के लिए पांच बेड़ा सहायक पोत (एफएसएस) हासिल करने के लिए हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (एचएसएल) के साथ 19,000 करोड़ रुपये के अनुबंध पर शुक्रवार को हस्ताक्षर किए।

देश की खबरें | रक्षा मंत्रालय ने पांच बेड़ा सहायक पोत हासिल करने के लिए एचएसएल के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर किये

नयी दिल्ली, 25 अगस्त रक्षा मंत्रालय ने नौसेना के लिए पांच बेड़ा सहायक पोत (एफएसएस) हासिल करने के लिए हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड (एचएसएल) के साथ 19,000 करोड़ रुपये के अनुबंध पर शुक्रवार को हस्ताक्षर किए।

अधिकारियों ने बताया कि 44,000 टन के बेड़ा सहायक पोत भारतीय शिपयार्ड द्वारा भारत में निर्मित होने वाले अपनी तरह के पहले जहाज होंगे।

मंत्रालय ने कहा कि यह परियोजना रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को हासिल करने में सहायक होगी, क्योंकि एचएसएल, विशाखापत्तनम स्वदेशी रूप से इन जहाजों की डिजाइनिंग और निर्माण करेगा।

मंत्रालय ने कहा, “रक्षा मंत्रालय ने 25 अगस्त को भारतीय नौसेना के लिए लगभग 19,000 करोड़ रुपये की कुल लागत से पांच बेड़ा सहायक पोत (एफएसएस) के अधिग्रहण के लिए एचएसएल, विशाखापत्तनम के साथ एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।”

मंत्रालय ने बताया कि मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति ने 16 अगस्त को अपनी बैठक में इन जहाजों के अधिग्रहण को मंजूरी दी थी।

मंत्रालय के अनुसार, एफएसएस को ईंधन, पानी, गोला-बारूद और भंडार के साथ समुद्र में जहाजों को फिर से भरने के लिए नियोजित किया जाएगा, जिससे भारतीय नौसेना के बेड़े को बंदरगाह पर लौटने के बिना लंबे समय तक संचालित करने में सक्षम बनाया जा सके।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “ये जहाज बेड़े की रणनीतिक पहुंच और गतिशीलता को बढ़ाएंगे। इन जहाजों के शामिल होने से भारतीय नौसेना की समुद्री क्षमता में काफी वृद्धि होगी।’’

मंत्रालय के अनुसार, जहाजों को लोगों को बचाने और मानव सहायता व आपदा राहत (एचएडीआर) कार्यों के लिए भी तैनात किया जा सकता है।

मंत्रालय ने कहा, “यह परियोजना आठ वर्षों में लगभग 168.8 लाख मानव दिवसों का रोजगार सृजन करेगी।”

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

(The above story first appeared on LatestLY on Aug 25, 2023 08:12 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).