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महिलाओं के खिलाफ 'अपमानजनक' टिप्पणी के लिए हिमंत विश्व शर्मा के खिलाफ विरोध की महिला कांग्रेस इकाइयों की घोषणा

पूर्वोत्तर राज्यों की महिला कांग्रेस शाखा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के खिलाफ पंचायत चुनाव प्रचार के दौरान महिलाओं के खिलाफ उनकी कथित अपमानजनक टिप्पणी के लिए विरोध प्रदर्शन की रविवार को घोषणा की. कांग्रेस की महिला शाखाओं ने कहा कि जब तक शर्मा माफी नहीं मांग लेते, तब तक क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा.

महिलाओं के खिलाफ 'अपमानजनक' टिप्पणी के लिए हिमंत विश्व शर्मा के खिलाफ विरोध की महिला कांग्रेस इकाइयों की घोषणा

गुवाहाटी, 4 मई : पूर्वोत्तर राज्यों की महिला कांग्रेस शाखा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के खिलाफ पंचायत चुनाव प्रचार के दौरान महिलाओं के खिलाफ उनकी कथित अपमानजनक टिप्पणी के लिए विरोध प्रदर्शन की रविवार को घोषणा की. कांग्रेस की महिला शाखाओं ने कहा कि जब तक शर्मा माफी नहीं मांग लेते, तब तक क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा. उन्होंने शर्मा की इस कथित अपमानजनक टिप्पणी की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच की भी मांग की कि राज्य में कांग्रेस के शासन के दौरान महिलाओं ने सरकारी नौकरी पाने के लिए ‘‘गलत रास्ता’’ अपनाया. असम प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष मीरा बोरठाकुर गोस्वामी ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘महिलाओं के खिलाफ एक मुख्यमंत्री द्वारा इस तरह की अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जा सकती. उन्हें माफी मांगनी चाहिए क्योंकि उन्होंने आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ता से लेकर शीर्ष नौकरशाह तक सरकारी नौकरियों में सभी महिलाओं का अपमान किया है.’’ उक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान विपक्षी दल की पांच पूर्वोत्तर राज्यों की महिला शाखाओं की प्रमुख भी मौजूद थीं.

शर्मा ने हाल ही में एक पंचायत चुनाव रैली के दौरान, 2013 और 2014 के असम लोक सेवा आयोग (एपीएससी) परीक्षाओं में अनियमितताओं पर न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बी के शर्मा आयोग की रिपोर्ट के एक गवाह के बयान का उल्लेख किया था, जब कांग्रेस सत्ता में थी. उन्होंने कहा कि गवाह के बयान में कहा गया है कि कांग्रेस शासन के दौरान महिलाओं को नौकरी पाने के लिए ‘‘गलत रास्ता’’ अपनाना पड़ा. गोस्वामी ने कहा कि असम इकाई ने राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) को पत्र लिखकर शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की पहले ही मांग कर दी है, इस तरह की शिकायतें सोमवार को सभी पूर्वोत्तर राज्यों के संबंधित राज्य महिला आयोगों को दी जाएंगी. उन्होंने कहा, ‘‘हमें उम्मीद है कि राष्ट्रीय महिला आयोग और राज्य महिला आयोग हमारी शिकायत दर्ज करेंगे और मामले को सीबीआई जांच के लिए भेजेंगे.’’ गोस्वामी ने कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा और सभी पूर्वोत्तर राज्यों में भाजपा नेता के पुतले फूंके जाएंगे. उन्होंने महिलाओं से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए सभी पूर्वोत्तर राज्यों की पार्टी की महिला इकाइयों का एक संयुक्त मंच बनाने की भी घोषणा की. गोस्वामी ने कहा कि शर्मा 2015 में भाजपा में शामिल होने से पहले, 2001 से लगातार तीन कांग्रेस सरकारों का हिस्सा थे और आरोप लगाया कि वह उस वक्त हुए किसी भी घोटाले के बारे में जानते होंगे. यह भी पढ़ें : एम्स के शोधकर्ताओं ने दुर्लभ आनुवंशिक विकारों के लिए अग्रणी नैदानिक ​​उपकरण विकसित किया

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी मांग है कि शर्मा को माफी मांगनी चाहिए. अगर वह ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके आरोपों की केंद्रीय एजेंसी द्वारा जांच होनी चाहिए.’’ त्रिपुरा महिला कांग्रेस अध्यक्ष सरबनी चक्रवर्ती ने शर्मा की आलोचना करते हुए कहा, ‘‘जब तक वह माफी नहीं मांग लेते, हम अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे. हम नौकरी घोटाले की सीबीआई जांच की भी मांग करते हैं.’’ मिजोरम कांग्रेस की महिला शाखा प्रमुख गोगबिनलियानी दियानी ने भी शर्मा की आलोचना करते हुए कहा, ‘‘यह नहीं भूलना चाहिए कि हिमंत विश्व शर्मा उस कांग्रेस सरकार का हिस्सा थे, जिस दौरान कथित अनियमितताएं हुई थीं. उन्हें जांच से छूट नहीं दी जा सकती.’’ नगालैंड में कांग्रेस की महिला शाखा की अध्यक्ष अकुमला पोगेम ने भी मुख्यमंत्री पर निशाना साधा और कहा कि महिलाओं के बारे में इतनी "निम्न स्तरीय राय" रखने वाले व्यक्ति को इतने ऊंचे पद पर नहीं रहने दिया जाना चाहिए. मेघालय और मणिपुर की महिला शाखा की अध्यक्ष क्रमश: जोपियन स्कॉट शायला और मुतुम शर्मा देवी ने भी शर्मा की कथित टिप्पणी की आलोचना की और उनसे माफी की मांग की.

(The above story first appeared on LatestLY on May 04, 2025 05:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).