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देश की खबरें | छात्रा की मौत: बीजद ने मौन प्रदर्शन किया, 21 जुलाई को आरडीसी कार्यालयों के सामने आंदोलन की घोषणा

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ओडिशा में विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने बालासोर में महिला कॉलेज की एक छात्रा की मौत के मामले की न्यायिक जांच की मांग को लेकर आंदोलन तेज करते हुए शुक्रवार को यहां महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास मौन विरोध प्रदर्शन किया।

देश की खबरें | छात्रा की मौत: बीजद ने मौन प्रदर्शन किया, 21 जुलाई को आरडीसी कार्यालयों के सामने आंदोलन की घोषणा

भुवनेश्वर, 18 जुलाई ओडिशा में विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने बालासोर में महिला कॉलेज की एक छात्रा की मौत के मामले की न्यायिक जांच की मांग को लेकर आंदोलन तेज करते हुए शुक्रवार को यहां महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास मौन विरोध प्रदर्शन किया।

बीजद ने यह भी निर्णय किया कि जब तक सरकार इस घटना की अदालत की निगरानी में न्यायिक जांच की घोषणा नहीं कर देती, तब तक वह अपना आंदोलन जारी रखेगी। इस घटना में कथित यौन उत्पीड़न मामले में न्याय नहीं मिलने पर छात्रा ने आत्मदाह कर लिया था, और बाद में उसकी मृत्यु हो गई थी।

बीजद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष देबी प्रसाद मिश्रा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘पार्टी ने 21 जुलाई को कटक, संबलपुर और बरहमपुर में तीन राजस्व संभागीय आयुक्त (आरडीसी) कार्यालयों के समक्ष प्रदर्शन करने का निर्णय किया है, ताकि सरकार पर घटना की न्यायिक जांच की घोषणा करने के लिए दबाव बनाया जा सके।’’

काली पट्टी से मुंह ढके और हाथों में तख्तियां लिये बीजद महिला, छात्र और युवा शाखा सदस्यों ने यहां महात्मा गांधी पार्क में मौन प्रदर्शन किया। मौन प्रदर्शन एक घंटे चला।

प्रदर्शनकारियों ने 16 जुलाई को लोक सेवा भवन घेराव आंदोलन के दौरान बीजद नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कथित "पुलिस ज्यादतियों" की भी निंदा की।

बीजद की महिला नेता एवं पूर्व मंत्री तुकुनी साहू ने कहा, ‘‘पुलिस की मनमानी तब साफ़ दिखाई दी जब उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर रबर की गोलियां चलायीं, आंसू गैस के गोले दागे और पानी की बौछार की। हम पुलिस की इस कार्रवाई की निंदा करते हैं।’’

छात्रा की मौत की अपराध शाखा द्वारा जांच को खारिज करते हुए, मिश्रा ने पार्टी की मांग को उचित ठहराया और कहा, ‘‘केवल अदालत की निगरानी में न्यायिक जांच से ही मृत महिला और उसके परिवार को न्याय मिल सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि पीड़िता ने बालासोर के एफएम कॉलेज के एक शिक्षक द्वारा कथित तौर पर यौन और मानसिक उत्पीड़न की अपनी शिकायत की जांच के लिए मुख्यमंत्री, राज्य के उच्च शिक्षा मंत्री, स्थानीय विधायक, बालासोर सांसद, पुलिस और नागरिक प्रशासन के अलावा कॉलेज अधिकारियों समेत सभी अधिकारियों से संपर्क किया था।’’

मिश्रा ने पूछा कि एक डीएसपी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व वाली अपराध शाखा की जांच ऐसे मामले में कैसे कार्रवाई कर सकती है, जब कई प्रभावशाली व्यक्ति शामिल हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय पार्टी अपना आंदोलन जारी रखेगी।

बालासोर के एफएम कॉलेज की 20 वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड द्वितीय वर्ष की छात्रा ने कथित तौर पर न्याय नहीं मिलने पर 12 जुलाई को परिसर में आत्मदाह कर लिया था। उसने चौदह जुलाई को एम्स भुवनेश्वर में दम तोड़ दिया था।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 18, 2025 06:42 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).