नयी दिल्ली, 22 जुलाई दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने कथित तौर पर अपहृत की गई एक महिला को दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस की मदद से मुक्त करा लिया है। आयोग ने शनिवार को यह जानकारी दी।
आयोग ने बताया कि 22 वर्षीय एक महिला को यहां उसके पति के घर से उसके मायके वालों द्वारा कथित रूप से अगवा कर लिया गया था।
डीसीडब्ल्यू ने एक बयान में बताया कि जून में आयोग के सदस्य फिरदौस खान को अमरोहा की एक महिला से शिकायत मिली थी और उसने (महिला) कहा था कि उसने अपने परिवार की इच्छा के विरूद्ध अपनी मर्जी से एक व्यक्ति से शादी की थी।
महिला ने डीसीडब्ल्यू सदस्य से कहा था कि चूंकि उसे अपनी जान का खतरा था, इसलिए वह अमरोहा से भाग कर अपने पति के साथ दिल्ली आ गयी।
बयान के अनुसार आयोग ने महिला को दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराने में मदद की लेकिन उस वक्त उसने (महिला) अपने परिवार (मायके वालों) के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई करने से इनकार कर दिया।
इसके अनुसार शुक्रवार को आयोग को उसके पति ने कॉल की कि उसके परिवार (उसकी पत्नी के परिवार से) कुछ लोग उसके घर पर आये थे और उन्होने उसकी पत्नी के साथ मारपीट की और उसे अपने साथ जबरदस्ती ले गये।
बयान के अनुसार इस घटना के बाद हर्ष विहार थाने में एक मामला दर्ज किया गया तथा दिल्ली पुलिस का एक दल उत्तर प्रदेश में महिला के घर (मायके में) भेजा गया।
इसके अनुसार जब महिला के माता-पिता को पता चला कि इस मामले में पुलिस को शामिल कर लिया गया है तो उन्होंने रात में उत्तर प्रदेश के गजरौला थाने में अपनी बेटी को कथित रूप से छोड़ दिया।
बयान के मुताबिक पुलिस महिला को उस थाने से चिकित्सा कानूनी परीक्षण के लिए दिल्ली लेकर आयी। आयोग उसे परामर्श दे रहा है और कानूनी मदद पहुंचा रहा है।
आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने एक बयान में कहा, ‘‘ महिला को उसके परिवार के द्वारा ही अगवा करने के बारे में हमें कॉल मिली। हमारी टीम ने तत्परता से कार्रवाई की तथा दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस की मदद से कुछ ही घंटे में उसे मुक्त कराकर दिल्ली ले आयी।’’
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