ताजा खबरें | बांध चर्चा चार अंतिम रास

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. तेलुगूदेशम पार्टी सदस्य के रवींद्र कुमार ने पोलावरम परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रीय परियोजना होने के बाद भी इसके कार्यान्वयन में देरी हो रही है। उन्होंने इस परियोजना को जल्दी पूरा किए जाने की मांग करते हुए कहा कि विभिन्न बांधों की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया जाना चाहिए।

तेलुगूदेशम पार्टी सदस्य के रवींद्र कुमार ने पोलावरम परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि राष्ट्रीय परियोजना होने के बाद भी इसके कार्यान्वयन में देरी हो रही है। उन्होंने इस परियोजना को जल्दी पूरा किए जाने की मांग करते हुए कहा कि विभिन्न बांधों की सुरक्षा पर खास ध्यान दिया जाना चाहिए।

आम आदमी पार्टी (आप) के संजय सिंह ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह विभिन्न कानूनों के जरिए राज्यों के अधिकारों का अतिक्रमण कर रही है और उनके अधिकारों में हस्तक्षेप कर रही है। उन्होंने इस विधेयक को प्रवर समिति में भेजे जाने की मांग करते हुए कहा कि यह विधेयक संघीय ढांचे के खिलाफ है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की सदस्य फौजिया खान ने कहा कि इस विधेयक में कई खामियां हैं और इसमें अपीलीय प्राधिकार का जिक्र नहीं है। उन्होंने भी इसे प्रवर समिति में भेजे जाने की मांग की।

असम गण परिषद (अगप) के वीरेंद्र प्रसाद वैश्य ने कहा कि यह विधेयक समय की मांग है और देश के संघीय ढांचे पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि चीन ब्रह्मपुत्र नदी पर बांधों का निर्माण कर रहा है और उससे यहां पानी की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

कांग्रेस सदस्य जी सी चंद्रशेखर ने कहा कि दक्षिण के कई राज्य इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं और इसके प्रावधानों से राज्यों पर बोझ बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि बांध लोगों से भावनात्मक रूप से भी जुड़े होते हैं।

भाजपा के रामभाई मोकरिया ने विधेयक का समर्थन करते हुए कहा कि इससे बांधों का निर्माण जल्दी हो सकेगा। उन्होंने गुजरात में नर्मदा बांध के निर्माण से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि यह विधेयक पहले आ गया होता तो नर्मदा बांध बनने में देरी नहीं होती।

निर्दलीय सदस्य अजीत कुमार भूइयां ने कहा कि कई बार बांधों के निर्माण से लोगों में आशंकाएं पैदा होती हैं और उनकी आशंकाओं को दूर करने की कोशिश की जानी चाहिए।

भाजपा के हर्षवर्धन सिंह डूंगरपुर ने भी विधेयक का स्वागत किया और कहा कि बांधों की सुरक्षा अहम है और देश में कई बांध 100 साल से भी ज्यादा पुराने हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि कई बांध अब पर्यटन केंद्र भी बन गए हैं।

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