धर्मशाला, 10 अक्टूबर तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा ने संयुक्त राष्ट्र विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) को इस साल का नोबेल शांति पुरस्कार मिलने पर संगठन के कार्यकारी निदेशक को शनिवार को बधाई दी।
डेविड बेस्ले को लिखे एक पत्र में दलाई लामा ने कहा कि यह पुरस्कार दुनिया से भूखमरी को कम करने में संगठन की महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता है।
डब्ल्यूएफपी को लोगों की भूख मिटाने तथा युद्ध के हालात वाले स्थानों में शांति के प्रयास करने के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया है।
इस संगठन का मुख्यालय रोम में है और यह विश्व के कुछ सबसे खतरनाक स्थानों पर जाकर लोगों को भोजन उपलब्ध कराने का काम करता है।
कोरोना वायरस महामारी के बीच भूख से जूझते लाखों लोगों को भोजन उपलब्ध कराकर डब्ल्यूएफपी ने उल्लेखनीय काम किया है।
दलाई लामा ने कहा, “गरीबी, भूख और कुपोषण जैसी समस्याओं के निदान के लिए डब्ल्यूएफपी ने जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाई है, भले ही यह समस्याएं युद्ध के हालात से उत्पन्न हुई हों या प्राकृतिक कारणों से। जहां निराशा के सिवा कुछ नहीं होता वहां भी इसने शांति और सुविधाएं पहुंचाने का काम किया है।”
उन्होंने कहा, “नोबेल समिति द्वारा डब्ल्यूएफपी को सम्मानित करने से हमें अमीर और गरीब के बीच के फासले को कम करने के अपने दायित्व का भी बोध हुआ है।”
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