नयी दिल्ली, 27 जून केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) ने मुख्य सतर्कता अधिकारियों (सीवीओ) से कहा है कि वे उन संगठनों से भत्तों और सुविधाओं का अनुरोध न करें जहां उनके पास केवल अतिरिक्त प्रभार है। एक आधिकारिक आदेश में यह कहा गया है।
सीवीओ किसी संगठन में भ्रष्टाचार की जांच करने के लिए आयोग की सहायक शाखा के रूप में कार्य करता है। प्रत्येक संगठन के लिए एक अलग सीवीओ होना आवश्यक है और प्रमुख संगठन पूर्णकालिक सीवीओ नियुक्त करते हैं। कभी-कभी, किसी संगठन में सीवीओ के रूप में नियुक्त एक अधिकारी को प्रशासनिक कारणों से अस्थायी आधार पर दूसरे का अतिरिक्त प्रभार दिया जाता है।
सीवीसी ने केंद्र के सभी सरकारी विभागों के सचिवों, सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक और उद्यमों समेत अन्य के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को जारी आदेश में कहा है, ‘‘सीवीओ को उस संगठन से किसी भी सुविधा, भत्ते, अनुलाभ के लिए अनुरोध नहीं करना चाहिए या लाभ नहीं उठाना चाहिए, जहां वे केवल अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं।’’
सीवीसी के 26 जून के आदेश में कहा गया है कि जिन संगठनों में कोई अधिकारी अतिरिक्त प्रभार के रूप में सीवीओ का पद संभाल रहा है, उन्हें आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करना जारी रखना चाहिए।
आदेश में कहा गया है, ‘‘इस तरह का सहयोग कार्यालय परिसर के इस्तेमाल, पर्याप्त सहायक कर्मचारी, कार्यालय में सचिव स्तर की मदद, टेलीफोन, अन्य कार्यालय उपकरण, यात्रा, आधिकारिक दौरों पर आवास जैसे रूप में हो सकता है, जो आधिकारिक कर्तव्यों के निर्वहन के लिए आवश्यक हो सकता है।’’
आदेश में कहा गया है कि एक से अधिक संगठनों का प्रभार रखने वाले सीवीओ के लिए उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में पारदर्शिता लाने और अस्पष्टता को दूर करने के लिए, यह स्पष्ट किया जाता है कि वेतन, सुविधाएं, भत्ते और अनुलाभ का लाभ वहीं उठाया जाएगा जहां उनके पास ‘मूल कार्यभार’ है।
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