नयी दिल्ली, 27 अप्रैल रक्षा मंत्रालय ने रविवार को आगाह किया कि व्हाट्सऐप पर एक ‘भ्रामक’ संदेश प्रसारित किया जा रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि सरकार ने भारतीय सेना के आधुनिकीकरण के लिए दान मांगने के उद्देश्य से एक बैंक खाता खोला है।
एक बयान में मंत्रालय ने इस संदेश का खंडन किया और लोगों से “सतर्क रहने तथा ऐसे धोखाधड़ी वाले संदेशों का शिकार न होने” का आग्रह किया।
बयान में कहा गया, “व्हाट्सऐप पर एक भ्रामक संदेश चल रहा है जिसमें भारतीय सेना के आधुनिकीकरण और युद्ध में घायल या शहीद हुए सैनिकों के लिए एक विशेष बैंक खाते में दान देने की बात कही गई है।”
मंत्रालय ने बताया कि प्रसारित किए जा रहे संदेश में इस संबंध में गलत तरीके से “कैबिनेट निर्णय” का हवाला दिया गया है तथा अभिनेता अक्षय कुमार को इस प्रस्ताव का “मुख्य प्रस्तावक” बताया गया है।
इसमें कहा गया है, “उक्त संदेश में खाते का विवरण गलत है, जिसके कारण ऑनलाइन दान अस्वीकार हो रहा है।”
मंत्रालय ने कहा कि सरकार ने “सक्रिय युद्ध अभियानों के दौरान शहीद या दिव्यांग हुए सैनिकों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं।”
इसमें कहा गया, “2020 में, सरकार ने ‘सशस्त्र बल युद्ध हताहत कल्याण कोष’ की स्थापना की, जिसका उपयोग उन सैनिकों/नौसैनिकों/वायुसैनिकों के परिवारों को तत्काल वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए किया जाता है जो सक्रिय सैन्य अभियानों में अपनी जान गंवा देते हैं या गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं।”
भारतीय सेना, रक्षा मंत्रालय के भूतपूर्व सैनिक कल्याण विभाग की ओर से इस कोष के खातों का रखरखाव करती है। इसमें कहा गया है कि सशस्त्र सेना युद्ध हताहत कल्याण कोष के खाते में सीधे योगदान दिया जा सकता है।
‘पीआईबी फैक्ट चेक’ ने भी ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के माध्यम से लोगों को इस “भ्रामक” संदेश के बारे में सचेत किया।
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