जयपुर, छह जून पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शुक्रवार को कहा कि राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) में जारी विवाद से क्रिकेट प्रेमी निराश हैं।
उन्होंने राज्य सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की।
गहलोत ने ‘एक्स’ पर कहा, “राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार आने के बाद से ही आरसीए में जारी विवादों से क्रिकेट प्रेमियों में बड़ी निराशा का भाव है। आरसीए में ‘तदर्थ कमेटी’ का गठन सरकार ने किया लेकिन लगातार विवादों के कारण यहां आईपीएल तक का आयोजन चुनौतीपूर्ण हो गया।”
गहलोत ने कहा कि तदर्थ कमेटी, क्रीडा परिषद एवं खेल विभाग में विवाद हो रहे हैं और राज्य सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि कानूनी तौर पर तदर्थ कमेटी केवल तीन महीने के लिए होती है और इस दौरान चुनाव करवाने होते हैं लेकिन डेढ़ वर्ष से चुनाव नहीं हुए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने बेटे वैभव गहलोत के आरसीए अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा, “वैभव गहलोत के अध्यक्ष के कार्यकाल में आरसीए की चर्चा सकारात्मक कार्यों के लिए हुई। 2019 के बाद बीसीसीआई से आरसीए पर लगा बैन हटा, राजस्थान में अंतरराष्ट्रीय एवं आईपीएल मैचों का आयोजन शुरू हुआ, आरपीएल समेत राज्यस्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं।”
उन्होंने कहा कि इस दौरान वेदांता समूह के साथ जयपुर के पास दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियमों में से एक बनाने की शुरुआत हुई और इस स्टेडियम का काम भी अब बंद हो गया है।
गहलोत ने कहा, “राजस्थान के क्रिकेट व क्रिकेट खिलाड़ियों के भविष्य और लाखों क्रिकेट प्रेमियों की भावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार को हस्तक्षेप कर आरसीए में जारी भयावह संघर्ष को बंद करवाना चाहिए ताकि राजस्थान में क्रिकेट का विकास हो सके।”
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