देश की खबरें | लेनदार समानता, पारदर्शिता के मुद्दे महत्वपूर्ण हैं: श्रीलंका को आईएमएफ के कर्ज देने पर भारत ने कहा

नयी दिल्ली, एक सितंबर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की श्रीलंका को करीब 2.9 अरब डॉलर का ऋण देने की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह संकटग्रस्त देश को सहायता की वकालत करता रहा है हालांकि ‘‘कर्जदाता समानता एवं पारदर्शिता’’ के मुद्दे अहम हैं।

आईएमएफ गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका के साथ हुए एक प्रारंभिक समझौते के तहत उसे चार वर्ष के दौरान 2.9 अरब डॉलर का ऋण देने को सहमत हुआ है। इससे देश को आर्थिक समस्या से उबरने में मदद मिलेगी और लोगों की आजीविका की रक्षा भी हो सकेगी।

इस बारे में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, ‘‘कर्मचारी स्तर के समझौते के बारे में आईएमएफ की विज्ञप्ति हमने देखी है। इसमें व्यापक आर्थिक स्थिरता, कर्ज वहनीयता, संवदेनशील लोगों की रक्षा और संगठनात्मक सुधारों में तेजी का उद्देश्य बताया गया है।’’

बागची ने कहा, ‘‘इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए आईएमएफ के भीतर ही मंजूरियां लेने की जरूरत होती है, परिस्थितियां अभी परिवर्तन से गुजर रही हैं। जैसा कि आप जानते हैं भारत श्रीलंका को मदद देने की वकालत करता रहा है लेकिन अभी देखना होगा कि आगे क्या होता है। लेनदार समानता और पारदर्शिता के मुद्दे अहम हैं।’’

बागची से जब पूछा गया कि श्रीलंका द्वारा चीन के ‘जासूसी पोत’ को अपने यहां आने देने की कार्रवाई क्या उकसावे वाली है, इस पर उन्होंने कहा, ‘‘पता नहीं कि परिस्थिति को इस प्रकार से देखा जाना चाहिए या नहीं।’’

बागची ने बताया कि भारत ने श्रीलंका को विभिन्न प्रकार से करीब चार अरब डॉलर की सहायता प्रदान की है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं यह दोहराना चाहता हूं कि ऐसे कोई घटनाक्रम होते हैं जिससे हमारी सुरक्षा प्रभावित होती हो तो हम उस पर करीब से नजर रखेंगे और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठायेंगे।’’

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