जरुरी जानकारी | क्रेडाई ने टिकाऊ विकास के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन इंटीरियर डिजाइनर्स से किया गठजोड़
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. आवास विकास कंपनियों के शीर्ष संगठन क्रेडाई ने शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन इंटीरियर डिजाइनर्स (आईआईआईडी) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत क्रेडाई और आईआईआईडी एक ऐसा साझा मंच तैयार करेंगे जो रियल एस्टेट और आंतरिक साज सज्जा उद्योग दोनों के विशेषज्ञों को नवीनतम विकास पर सूचनाओं के आदान-दान में मदद करेगा।
नयी दिल्ली, पांच जून आवास विकास कंपनियों के शीर्ष संगठन क्रेडाई ने शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन इंटीरियर डिजाइनर्स (आईआईआईडी) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत क्रेडाई और आईआईआईडी एक ऐसा साझा मंच तैयार करेंगे जो रियल एस्टेट और आंतरिक साज सज्जा उद्योग दोनों के विशेषज्ञों को नवीनतम विकास पर सूचनाओं के आदान-दान में मदद करेगा।
टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए क्रेडाई ने कहा कि इस मंच के माध्यम से जल प्रबंधन, स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास से जुडी कार्यशालाएं और अनुसंधान कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे ताकि टिकाऊ विकास के मामले में भारत को विश्व में अग्रणी बनाया जा सके।
क्रेडाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतीश मागन ने इस संबंध में जारी एक बयान में कहा, ‘‘सतत विकास की कहानी को कामयाब बनाने के लिए विभिन्न पर्यावरण अनुकूल नवाचारों और समाधानों को पहचानने और कार्यान्वित करने की जरूरत है। क्रेडाई इसमें आगे रहा है। आईआईआईडी के साथ साझेदारी एक स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण के लिए हमारी प्रतिबद्धता को दोहराती है।’’
आईआईआईडी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुश्री जैबिन जचारिआस ने कहा, ‘‘हम क्रेडाई के साथ साझेदारी करते हुए खुशी का अनुभव कर रहे हैं। दोनों संस्थाओं से हासिल होने वाली विशेषज्ञता के अनोखे संगम से हमें उम्मीद है कि नई तकनीकों और नीतियों को विकसित करना संभव हो पाएगा।’’
पिछले साल क्रेडाई ने इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (आईजीबीसी) के साथ मिलकर ‘हरित इमारत अभियान’ को आगे बढ़ाया था।
क्रेडाई का दावा है कि वह देशभर के 21 राज्यों में मौजूद है और 20,000 से ज्यादा रियल एस्टेट कंपनियां उसकी सदस्य हैं।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)