जरुरी जानकारी | सीपीओ और पामोलीन के भाव यथावत, बाकी तेल-तिलहनों में सुधार
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मलेशिया एक्सचेंज में बुधवार की गिरावट के बराबर बृहस्पतिवार को सुधार आने से स्थानीय तेल-तिलहन बाजार में सीपीओ और पामोलीन के भाव पूर्ववत रहे जबकि विदेशों में तेजी के बीच सरसों, सोयाबीन सहित विभिन्न खाद्य तेल तिलहनों के भाव लाभ के साथ बंद हुए।
नयी दिल्ली, 29 जुलाई मलेशिया एक्सचेंज में बुधवार की गिरावट के बराबर बृहस्पतिवार को सुधार आने से स्थानीय तेल-तिलहन बाजार में सीपीओ और पामोलीन के भाव पूर्ववत रहे जबकि विदेशों में तेजी के बीच सरसों, सोयाबीन सहित विभिन्न खाद्य तेल तिलहनों के भाव लाभ के साथ बंद हुए।
बाजार सूत्रों ने बताया कि शिकॉगो एक्सचेंज में एक प्रतिशत की तेजी रही और मलेशिया एक्सचेंज में 2.8 प्रतिशत की तेजी आई। उन्होंने कहा कि कल मलेशिया एण्क्सचेंज में 2.8 प्रतिशत की गिरावट थी जबकि बृहस्पतिवार को यहां 2.8 प्रतिशत का सुधार आया। इसके कारण सीपीओ और पामोलीन तेलों के भाव पूर्वस्तर पर बंद हुए।
उन्होंने कहा कि विदेशी बाजारों में तेजी तथा देश की मंडियों में सरसों की कम आवक होने के साथ साथ त्यौहारी मांग के कारण सरसों तेल तिलहनों के भाव में पर्याप्त सुधार आया। सरसों की चौतरफा मांग है। त्यौहार के लिए जम्मू कश्मीर, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, बिहार, उत्तर प्रदेश जैसी जगहों पर निरंतर त्यौहारी मांग बढ़ रही है जिससे सरसों में सुधार है। किसानों और थेड़ा बहुत तेल मिलों के अलावा और किसी के पास सरसों नहीं है। उन्होंने कहा कि सरसों की अगली फसल आने में लगभग सात महीने हैं और आगामी त्यौहारों के देखते हुए सहकारी संस्था, हाफेड को बाजार भाव पर अभी सरसों की खरीद कर स्टॉक बना लेना चाहिये जो दीवाली के समय काम आयेगा।
उन्होंने कहा कि खाद्य नियामक, एफएसएसएआई ने जांच के लिए दलहन और सरसों तेल के नमूनों की उठान की है। उन्होंने कहा कि सरकार को तेल तिलहनों के उत्पादन को बढ़ाने की ओर विशेष ध्यान देना चाहिये जिससे दूसरे देशों पर निर्भरता को खत्म की जा सके। भारत अपनी खाद्यतेल आवश्यकता के लगभग 70 प्रतिशत कमी को पूरा करने के लिए आयात पर निर्भर करता है।
प्रमुख तेल कंपनी, एडीएम के सीईओ ने अनुमान जताया है कि प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों के कारण वैश्विक स्तर पर सोयाबीन के उत्पादन में करीब डेढ़ करोड़ टन की कमी आ सकती है।
बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)
सरसों तिलहन - 7,725 - 7,775 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।
मूंगफली दाना - 5,945 - 6,090 रुपये।
मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 14,500 रुपये।
मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,235 - 2,365 रुपये प्रति टिन।
सरसों तेल दादरी- 15,450 रुपये प्रति क्विंटल।
सरसों पक्की घानी- 2,520 -2,570 रुपये प्रति टिन।
सरसों कच्ची घानी- 2,605 - 2,715 रुपये प्रति टिन।
तिल तेल मिल डिलिवरी - 15,000 - 17,500 रुपये।
सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 15,100 रुपये।
सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 15,000 रुपये।
सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 13,650 रुपये।
सीपीओ एक्स-कांडला- 11,760 रुपये।
बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 14,600 रुपये।
पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 13,500 रुपये।
पामोलिन एक्स- कांडला- 12,400 (बिना जीएसटी के)
सोयाबीन दाना 9600 - 9,700, सोयाबीन लूज 9,400 - 9,500 रुपये
मक्का खल (सरिस्का) 3,800 रुपये
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 29, 2021 06:26 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

