देश की खबरें | माकपा ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने और ‘दरबार मूव’ की मांग को लेकर प्रदर्शन किया

जम्मू, 11 नवंबर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा और ‘दरबार मूव’ बहाल करने की मांग को लेकर सोमवार को जम्मू में विरोध प्रदर्शन किया।

जम्मू को केंद्र शासित प्रदेशी की शीतकालीन राजधानी कहा जाता है।

‘दरबार मूव’ राज्य सचिवालय और अन्य सरकारी कार्यालयों को ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर से शीतकालीन राजधानी जम्मू में हर छह महीने में स्थानांतरित करने की परंपरा है।

यह परंपरा 1872 में महाराजा रणबीर सिंह के शासन के दौरान शुरू हुई थी, जो 2020 तक जारी रही। केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने जम्मू और श्रीनगर, दोनों में राज्य सचिवालय बनाए रखने की घोषणा की थी।

जेके किसान तहरीक के अध्यक्ष किशोर कुमार की अगुवाई में माकपा के कई कार्यकर्ताओं ने ‘दरबार मूव’ को बहाल करने और भूमि तथा नौकरी के अधिकारों के लिए विशेष दर्जा देने के समर्थन में अपने हाथ में तख्तियां ली हुईं थीं।

उन्होंने ‘दरबार मूव’ बहाल करो, ‘राज्य का दर्जा बहाल करो’ जैसे नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने राज्य को केंद्र शासित प्रदेश में बदलने और ‘दरबार मूव’ को रोकने के लिए भाजपा को दोषी ठहराते हुए इन दोनों मांगों के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए विशेष भूमि व नौकरी के अधिकारों की बहाली की मांग की।

कुमार ने संवाददाताओं से कहा, “हम जम्मू-कश्मीर में ‘दरबार मूव’ और राज्य का दर्जा बहाल करने के समर्थन में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। हम स्थानीय लोगों के लिए विशेष दर्जे के तहत भूमि और नौकरी के अधिकारों के आरक्षण की मांग करते हैं।”

कुमार ने कहा कि तत्कालीन महाराजा हरि सिंह ने जम्मू-कश्मीर के लोगों को विशेष दर्जा दिया था।

उन्होंने कहा, “भाजपा ने इन अधिकारों को छीनकर खलनायक की भूमिका निभाई। इसने ‘दरबार मूव’ की सदियों पुरानी उस प्रथा को रोक दिया, जिसका उद्देश्य कश्मीर और जम्मू क्षेत्रों को एकीकृत करना था।”

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