नयी दिल्ली, 13 फरवरी मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) महासचिव सीताराम येचुरी के नेतृत्व में तीन-सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को यहां निर्वाचन आयोग से मुलाकात की और त्रिपुरा में 16 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान हिंसा की आशंका जताई।
माकपा प्रतिनिधिमंडल में पोलित ब्यूरो के सदस्य नीलोत्पल बसु और केंद्रीय सचिवालय के सदस्य मुरलीधरन भी शामिल थे।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ऐसी आशंकाएं इस तथ्य से उत्पन्न होती हैं कि हाल ही में बड़ी संख्या में मोटरसाइकिल त्रिपुरा में आयात की गयी है।
पार्टी की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, ‘‘ऐसी आशंका है कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की ओर से मोटरसाइकिल सवार विपक्षी दलों से जुड़े मतदाताओं के बीच आतंक फैलाने और भय पैदा करने का प्रयास करेंगे। मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए डराने-धमकाने के अन्य तौर-तरीकों का भी इस्तेमाल किया जा रहा था।’’
बयान के अनुसार, ‘‘इन परिस्थितियों में, प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग पर विश्वास बहाली के उपाय करने के लिए न केवल मुख्य सड़कों पर, बल्कि अंदरूनी इलाकों में भी फ्लैग मार्च निकालने की सलाह दी।’’
माकपा ने कहा कि आयोग ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वह शांतिपूर्ण और अनुकूल माहौल में स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा।
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