देश की खबरें | सीपी सिंह ने झारखंड विधानसभा अध्यक्ष से पूछा, बाबूलाल मरांडी झाविमो के सदस्य कैसे?

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रांची, 28 फरवरी झारखंड भाजपा के वरिष्ठ नेता सीपी सिंह ने सोमवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा हेतु झारखंड विकास मोर्चा (झाविमो)को समय आवंटित करने और भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी का नाम उसके वक्ता की सूची में प्रदर्शित करने पर आपत्ति जताई और विधानसभाध्यक्ष रवीन्द्र कुमार महतो से पूछा कि आखिर बाबूलाल मरांडी झाविमो के सदस्य कैसे हो गये?

विधानसभा में दोपहर दो बजे जैसे ही राज्यपाल के अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा प्रारंभ हुई भाजपा के वरिष्ठ नेता और रांची के विधायक सीपी सिंह ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए विधानसभाध्यक्ष सवाल किया झाविमो के तीन सदस्य कहां हैं? झाविमो के लिए चर्चा में समय कैसे रखा गया है?

सीपी सिंह ने कहा कि प्रदीप यादव तो कांग्रेस के उपनेता हैं, बाबूलाल मरांडी ने झाविमो का भाजपा में विलय कर दिया था और वह भाजपा विधायक दल के नेता हैं।

सीपी सिंह ने कहा कि झारखंड विधानसभा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव हुए थे और उस दौरान आप के कार्यालय से ही जारी मतदाताओं की सूची में भाजपा सदस्य के रूप में बाबूलाल मरांडी जी का नाम अधिसूचित हुआ था ऐसे में आज वह झाविमो के सदस्य कैसे हो गये?

झारखंड विधानसभा चुनाव में दिसंबर, 2019 में झाविमो के तीन विधायक चुने गए थे। इनमें बाबूलाल मरांडी, प्रदीप यादव और बंधु तिर्की शामिल हैं। बाबूलाल मरांडी जहां भाजपा में शामिल हो गए और अपनी पार्टी का भाजपा में विलय कर लिया, वहीं बंधु तिर्की और प्रदीप यादव कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

बाबूलाल मरांडी को भाजपा ने विधायक दल का नेता बना दिया लेकिन मामला अब भी विधानसभाध्यक्ष के पास विचाराधीन है।

विधानसभाध्यक्ष ने अब तक बाबूलाल मरांडी को सदन में भाजपा सदस्य के तौर पर मान्यता नहीं दी है।

रविवार को भाजपा ने यहां राज्यपाल रमेश बैस से मिलकर अनुरोध किया था कि विधानसभा के गठन के दो साल बाद भी नेता प्रतिपक्ष नहीं है लिहाजा बाबूलाल मरांडी को नेता प्रतिपक्ष के तौर पर मान्यता दी जाए।

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