नयी दिल्ली, 27 जुलाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पूर्व अधिकारी राजेश्वर सिंह ने बुधवार को धनशोधन निवारण कानून (पीएमएलए) के विभिन्न प्रावधानों पर उच्चतम न्यायालय के फैसले को ‘‘ऐतिहासिक’’ बताते हुए कहा कि यह संघीय जांच एजेंसी के जांच संबंधी अधिकार को मजबूत करता है।
सिंह अब उत्तर प्रदेश में लखनऊ की सरोजिनी नगर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक हैं। उन्होंने कहा कि इस कानून (धन शोधन निवारण अधिनियम) के तहत ‘‘न्याय मिलना जारी रहेगा और इससे यह सुनिश्चित होगा कि भ्रष्ट लोगों को जेल हो और अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को (पीएमएलए के तहत) कुर्क किया जाए।’’
सिंह ने विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए इस साल की शुरुआत में ईउी से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) का विकल्प चुना था।
वह 2007 में उत्तर प्रदेश पुलिस से प्रतिनियुक्ति पर प्रवर्तन निदेशालय में शामिल हुए थे और 14 साल तक एजेंसी में काम किया था।
उन्होंने कहा, ‘‘यह उच्चतम न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला है जिसने पीएमएलए के तहत ईडी की गिरफ्तारी, तलाशी और कुर्की के अधिकार को बरकरार रखा है।’’
उच्चतम न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण फैसले में बुधवार को पीएमएलए के तहत गिरफ्तारी, संपत्ति की कुर्की और जब्ती से संबंधित ईडी के अधिकारों को बरकरार रखा।
सिंह ने कहा कि अदालत ने ईडी के जांच अधिकारों को मजबूत किया है।
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