देश की खबरें | हेमा उपाध्याय-हरेश भंभानी हत्याकांड में 15 सितंबर को आ सकता है अदालत का फैसला

मुंबई, एक सितंबर मुंबई की एक सत्र अदालत हेमा उपाध्याय-हरेश भंभानी दोहरे हत्याकांड में 15 सितंबर को अपना फैसला सुना सकती है।

कलाकार हेमा उपाध्याय और उनके वकील भंभानी की दिसंबर, 2015 में हत्या कर दी गयी थी। हेमा से अलग रह रहे उनके पति एवं कलाकार चिंतन उपाध्याय पर इन दोनों की हत्या की साजिश रचने का आरोप है।

उपनगर डिंडोशी की सत्र अदालत ने शुक्रवार को अंतिम दलीलें सुनीं और 15 सितंबर के लिए अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

अभियोजन पक्ष ने अपनी अंतिम दलील में कहा कि चिंतन उपाध्याय अपनी पत्नी और उनके वकील की हत्या की ‘साजिश रचने में शामिल था।’’

विशेष वकील वैभव बागड़े ने दावा किया कि चिंतन इन दोनों से बहुत नफरत करता था।

हेमा और भंभानी की 11 दिसंबर, 2015 को हत्या कर दी गयी थी और शवों को बक्से में डालकर उपनगर कांदिवली में एक नाले में फेंक दिया गया था।

इन दोनों की हत्या करने का आरोपी विद्याधर राजभर फरार है। हत्या के शीघ्र बाद चिंतन उपाध्याय को अपनी पत्नी की हत्या की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे जमानत मिल गयी।

चिंतन के वकीलों ने दलील दी कि पुलिस दोहरे हत्याकांड को सुलझा नहीं पायी इसलिए उसने उनके मुवक्किल और हेमा के बीच के वैवाहिक विवाद का फायदा उठाकर झूठे मामले में चिंतन को फंसा दिया।

इस मामले में अन्य आरोपी विजय राजभर, प्रदीप राजभर, शिवकुमार राजभर और आजाद राजभर हैं।

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