नयी दिल्ली, 27 अक्टूबर उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को केन्द्र से कहा कि कोविड-19 महामारी की वजह से कुवैत में फंसे शेष भारतीय नागरिकों को भी स्वदेश लाने के लिये आवश्यक कदम उठाये जायें।
सरकार ने कहा था कि स्वदेश लौटने के लिये उसके दूतावास के साथ पंजीकरण कराने वाले 1.3 लाख नागरिकों में से 87,000 से अधिक को वापस लाया जा चुका है।
न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने केन्द्र के अधिवक्ता के इस कथन का संज्ञान लिया कि कुवैत में फंसे भारतीयों को स्वदेश लाने के लिये हर संभव प्रयास किये जायेंगे। पीठ ने इसके साथ ही वेलिनाडु वाझ तमिलार नाला संगम की याचिका चार सप्ताह बाद सुनवाई के लिये सूचीबद्ध कर दी।
संगम चाहता था कि कुवैत में फंसे सभी भारतीयों को स्वदेश लाने का निर्देश दिया जाये।
विदेश मंत्रालय ने न्यायालय में दाखिल हलफनामे में कहा था कि एक अक्ट्रबर तक कुवैत से भारत के बीच वंदे भारत मिशन के तहत 177 विशेष उड़ानों सहित 559 उड़ानें संचालित की गयी हैं और कुवैत स्थित दूतावास में पंजीकृत 1,33,000 भारतीयों में से 87,022 को स्वदेश लाया जा चुका है।
हलफनामे में कहा गया कि वंदे भारत मिशन के सातवें दौर में अक्टूबर के दौरान एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस और इंडिगो की 83 उड़ाने भारत में अलग अलग स्थानों से कुवैत जायेंगी।
केन्द्र ने न्यायालय द्वारा पहले दिये गये निर्देशों का अनुपालन करते हुये यह जानकारी उपलब्ध करायी है।
अनूप
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