देश की खबरें | न्यायालय ई-कामर्स पोर्टल पर उत्पादों के मूल देश का नाम प्रदर्शित करने संबंधी याचिका पर करेगा सुनवाई
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 24 जुलाई उच्चतम न्यायालय एमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी सभी ई-कामर्स कंपनियों द्वारा बेचे जाने वाले सामानों पर अनिवार्य रूप से मूल देश का नाम लिखने के लिये कानून बनाने का, केन्द्र को निर्देश देने का अनुरोध करते हुए दायर की गई याचिका पर सुनवाई करने पर शुक्रवार को सहमत हो गया।

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रह्मण्यम की पीठ ने इस संबंध में दायर याचिका पर केन्द्र सरकार को नोटिस जारी किया और उससे जवाब मांगा है।

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याचिका में ई-कामर्स पोर्टल के जरिये चीन से ‘घटिया माल की आवक’ और लद्दाख में भारत-चीन के बीच तनाव के मद्देनजर विभिन्न वर्गो द्वारा उस देश के उत्पादों के बहिष्कार की मांग का जिक्र किया गया है।

यह याचिका दिव्या ज्योति सिंह ने दायर की है। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से पीठ से कहा कि भारत में ई-कामर्स पोर्टल के माध्यम से कारोबार करने वाली सभी कंपनियों को अपने यहां बिक्री वाले उत्पादों पर ‘मूल देश का नाम’ प्रदर्शित करने के लिये उचित कानूनी प्रावधान करने का निर्देश केन्द्र सरकार को दिया जाये।

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उन्होंने कहा कि केन्द्र को ऐसा कानून बनाने का निर्देश दिया जाये जिसमे अमेजन, फ्लिपकार्ट और स्नैपडील जैसे सभी ई-कामर्स पोर्टल के लिये उनके यहां उपलब्ध सारे सामानों पर मूल देश के बारे में जानकारी देना अनिवार्य हो।

दिव्या ने अंतरिम राहत के रूप में केन्द्र को सभी ई-कामर्स पोर्टल को यह निर्देश देने का अनुरोध किया है कि सभी नये उत्पादों पर मूल देश के नाम प्रदर्शित करेंगे और एक समय सीमा के बीच सारे उपलब्ध सामानों के मूल देश के बारे में जानकारी अद्यतन करेंगे।

याचिका में वैकल्पिक रूप में उपभोक्ता संरक्षण कानून, 2019 की धारा 2 (9) में संशोधन करके यह प्रावधान करने का अनुरोध किया है कि उपभोक्ता के अधिकारों में उसे ई-कामर्स पोर्टल पर उपलब्ध उत्पादों के मूल देश के बारे में सूचना प्राप्त करने का अधिकार है।

याचिका में कहा गया है कि मूल देश के बारे में जानकारी का प्रदर्शन नहीं करने वाली ई-कामर्स कंपनियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने का प्रावधान कानून में करना चाहिए और केन्द्र को इस पर सख्ती से अमल करना चाहिए।

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