देश की खबरें | कांग्रेस नेता के राज्यसभा में निर्वाचन के खिलाफ याचिका पर न्यायालय जुलाई में करेगा सुनवाई
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नयी दिल्ली, 10 जून उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि झारखंड से 2018 के राज्यसभा चुनाव में निर्वाचित कांग्रेस के नेता धीरज प्रसाद साहू के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर चार सप्ताह बाद सुनवाई की जायेगी। यह याचिका भाजपा के पराजित प्रत्याशी प्रदीप कुमार संथालिया ने झारखड उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर की है।

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय की पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई के दौरान कहा कि इस मामले पर साहू की अपील के साथ ही चार सप्ताह बाद सुनवाई की जायेगी।

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संथालिया ने अपनी अपील में उच्च न्यायालय के इस साल 17 जनवरी के फैसले को चुनौती दी है जिसमें याचिका खारिज करते हुये टिप्पणी की गई थी कि भाजपा नेता ने इसमें न तो मतों की फिर से गणना का अनुरोध किया है और न ही निर्वाचन आयोग को इसमें पक्षकार बनाया है।

याचिका में कहा गया है कि राज्य की दो सीटों के लिये निर्वाचन आयोग ने फरवरी 2018 में अधिसूचना जारी की थी। इन सीटों के लिये 23 मार्च 2018 को सिल्ली विधानसभा क्षेत्र के विधायक अमित कुमार महतो सहित विधायकों ने मतदान किया था।

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अपील में कहा गया है कि 23 मार्च, 2018 को ही फौजदारी के एक मामले में महतो को निचली अदालत ने दोषी ठहराया था और उसी दिन अपराह्न में उन्हें दो साल कैद की सजा सुनायी गई थी ।

अपील के अनुसार राज्यसभा चुनाव के नतीजे की घोषणा से पहले संथालिया ने महतो के मत पर आपत्ति करते हुये अवैध घोषित करने के लिये लिखित में अनुरोध किया क्योंकि उन्हें आपराधिक मामले में दो साल की सजा हो गयी थी।

याचिका के अनुसार निर्वाचन अधिकारी ने उनकी आपत्ति अस्वीकार करते हुये 24 मार्च को धीरज प्रसाद साहू को निर्वाचित घोषित कर दिया था। निर्वाचन अधिकारी का कहना था कि चुनाव नतीजे की घोषणा करने तक उसे अदालत का फैसला नहीं मिला था।

इसके बाद ही संथालिया ने उच्च न्यायालय में धीरज के निर्वाचन को चुनौती दी थी, जिसे अदालत ने इस साल 17 जनवरी को खारिज कर दिया था।

अनूप

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