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भारत के मशहूर फोटोग्राफर रघु राय का 83 वर्ष की आयु में निधन

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त भारत के दिग्गज फोटोग्राफर रघु राय का 83 साल की उम्र में निधन हो गया है.

भारत के मशहूर फोटोग्राफर रघु राय का 83 वर्ष की आयु में निधन
प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credit: Image File)

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त भारत के दिग्गज फोटोग्राफर रघु राय का 83 साल की उम्र में निधन हो गया है. भारत के जटिल सामाजिक और राजनीतिक जीवन को अपने कैमरे में कैद करने वाले राय को हमेशा याद किया जाएगा.भारत के विभाजन से पहले पाकिस्तानी पंजाब के एक गांव में जन्मे रघु राय ने अपनी शुरुआती पढ़ाई एक कंस्ट्रक्शन इंजीनियर के तौर पर की थी. हालांकि, बाद में वह फोटोग्राफी की दुनिया में आए और भारत के एक बेहद प्रतिष्ठित फोटोग्राफर बन गए. छह दशक पहले उनके फोटोग्राफर भाई ने उन्हें इस पेशे से रूबरू कराया था.

उनकी पहली प्रकाशित तस्वीर एक गधे की थी, जो सीधे उनके कैमरे की तरफ देख रहा था. यह तस्वीर 'द टाइम्स ऑफ लंदन' में प्रकाशित हुई थी. इसके बाद राय ने 1960 और 1970 के दशक के दौरान भारत के कुछ सबसे प्रसिद्ध मीडिया घरानों के साथ काम करते हुए फोटो पत्रकारिता की दुनिया में कदम रखा.

अपने देश की विशालता और जटिलता को दर्शाने की चाहत में बाद में उन्होंने स्वतंत्र रूप से काम करना शुरू कर दिया. राय का काम फिल्म और डिजिटल दोनों ही फॉर्मेट में है. उन्होंने ब्लैक एंड व्हाइट और रंगीन, दोनों तरह की बेहतरीन तस्वीरें खींचीं और अपना पूरा जीवन भारत में ही काम करते हुए बिताया.

वे तस्वीरें जो इतिहास बन गईं

राघु राय की कुछ तस्वीरें इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो गई हैं. 1971 में बांग्लादेश की आजादी की लड़ाई को उन्होंने जिस तरह अपने कैमरे से कैद किया, उसकी काफी प्रशंसा हुई. उनकी तस्वीरों में उस दौर का दर्द, संघर्ष और जीत एक साथ दिखती है.

1984 में भोपाल में हुई गैस त्रासदी भारत की सबसे बड़ी औद्योगिक आपदा थी जिसमें अनुमानित 25,000 लोगों की जान गई. राय ने इस त्रासदी का बेहद संवेदनशीलता और साहस के साथ दस्तावेजीकरण किया. उनकी इस त्रासदी से जुड़ी तस्वीरें दुनिया भर की अंतरात्मा को झकझोर गईं.

राघु राय की प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहचान तब मिली, जब उन्हें विश्व प्रसिद्ध फोटोग्राफी सहकारी संस्था मैग्नम फोटो का सदस्य बनाया गया. यह नामांकन खुद हेनरी कार्टियर-ब्रेसों ने किया था, जो कैंडिड फोटोग्राफी के जनक माने जाते हैं.

उनके शानदार काम के लिए उन्हें कई बड़े सम्मान भी मिले. राय ने पहला 'एकेडमी डेस बीक्स-आर्ट्स फोटोग्राफी अवार्ड' जीता था और 1972 में उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक 'पद्म श्री' से सम्मानित किया गया था.

नेताओं और परिवार ने दी श्रद्धांजलि

रघु राय के निधन पर उनके परिवार ने एक बयान जारी कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. वहीं, देश के कई बड़े नेताओं ने भी उनके काम को याद किया. भारत के विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राय के योगदान की सराहना करते हुए कहा, "उन्होंने सिर्फ तस्वीरें नहीं खींचीं, बल्कि हमारे राष्ट्र की यादों को सहेजा है."

सांसद शशि थरूर ने अपनी श्रद्धांजलि में कहा, "दुनिया के लिए वह फोटोग्राफी के एक अतुलनीय उस्ताद थे, एक ऐसे दूरदर्शी जिन्होंने भारत के धड़कते हुए दिल और आत्मा को कैद किया. आपकी दृष्टि हमेशा वह लेंस रहेगी जिसके माध्यम से भारत को देखा जाएगा."

खुद रघु राय भी अपने कैमरे से बेहद गहरा लगाव रखते थे. उन्होंने एक बार अपने काम और कैमरे के रिश्ते को लेकर कहा था, "मैं एक कैमरे के बिना कभी भी अपने अनुभवों के प्रति सच्चा नहीं हो सकता."

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 26, 2026 02:50 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).