देश की खबरें | अदालत ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए मशहूर व्यावसायिक नामों के दुरुपयोग का संज्ञान लिया, रिपोर्ट मांगी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दिल्ली उच्च न्यायालय ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए मशहूर व्यावसायिक नामों के चिह्न (ट्रेडमार्क) के तहत डोमेन का पंजीकरण कराने की कई घटनाओं का संज्ञान लेकर यहां की पुलिस से ऐसे मामलों की जांच के संबंध में स्थिति रिपोर्ट मांगी है।

नयी दिल्ली, 22 जुलाई दिल्ली उच्च न्यायालय ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के लिए मशहूर व्यावसायिक नामों के चिह्न (ट्रेडमार्क) के तहत डोमेन का पंजीकरण कराने की कई घटनाओं का संज्ञान लेकर यहां की पुलिस से ऐसे मामलों की जांच के संबंध में स्थिति रिपोर्ट मांगी है।

न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने पाया कि इन डोमेन नामों के तहत वेबसाइट का इस्तेमाल धोखाधड़ी करने वाली वेबसाइट के लिए किया जाता है। इसके तहत नौकरी, डीलरशिप, फ्रेंचाइजी, लकी ड्रॉ आदि की पेशकश करने की आड़ में धोखाधड़ी वाली वेबसाइटों का संचालन किया जाता है।

इस तरह के कदाचार से संबंधित कई मामले उच्च न्यायालय की विभिन्न पीठों के समक्ष लंबित हैं।

अदालत ने दिल्ली पुलिस को अपनी जांच जारी रखने के लिए कहा। अदालत ने निर्देश दिया कि ऐसे सभी मामलों को एक ही पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए।

अदालत ने यह निर्देश फैशनियर टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर एक मुकदमे पर दिया, जिसमें कुछ धोखाधड़ी वाली वेबसाइट को अनधिकृत रूप से ट्रेडमार्क ‘मीशो’ का उपयोग करने से रोकने के लिए स्थायी रोक की मांग की गई थी। वादी ने आरोप लगाया कि धोखाधड़ी करने वाले भोले-भाले लोगों को लॉटरी की पुरस्कार राशि, कार, मोटरबाइक, नकद पुरस्कार, इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उपहारों आदि का झांसा देकर उनसे बैंक खाते का विवरण जमा करने को कहते हैं, फिर पुरस्कार आदि लाभ पाने के लिए अग्रिम शुल्क का भुगतान करने के लिए प्रेरित करते हैं।

अदालत ने डोमेन नाम रजिस्ट्रार (डीएनआर) द्वारा तीन नकली ऑनलाइन मार्केटप्लेस को निलंबित करने और अगले आदेश तक संबंधित अधिकारियों द्वारा उनके डोमेन नामों को अवरुद्ध करने का निर्देश दिया। जिन व्यक्तियों ने डोमेन नाम पंजीकृत किया है, उनके संपर्क विवरण डीएनआर द्वारा आगे की पुलिस जांच में सहूलियत के लिए सौंपे जाएंगे।

अदालत ने आगे से डीएनआर को ‘मीशो’ चिह्न वाले किसी भी डोमेन नाम को पंजीकृत नहीं करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा, ‘‘इस न्यायालय ने साइबर अपराध इकाई द्वारा प्रस्तुत स्थिति रिपोर्ट का अध्ययन किया और वह आश्वस्त है कि वादी के प्रसिद्ध चिह्न 'मीशो' का उपयोग अब धोखाधड़ी करने वाले व्यक्ति कर रहे हैं, जो इंटरनेट पर अवैध गतिविधियों को अंजाम देते हैं।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

Pakistan vs Sri Lanka, 50th Match Scorecard: पललेकेले में पाकिस्तान ने श्रीलंका के सामने रखा 213 रनों का टारगेट, साहिबजादा फरहान और फखर जमान ने खेली धमाकेदार पारी; यहां देखें पहली पारी का स्कोरकार्ड

Australia Women vs India Women, 3rd ODI Key Players To Watch Out: ऑस्ट्रेलिया महिला बनाम भारत महिला के बीच तीसरे वनडे में इन स्टार खिलाड़ियों पर होगी सबकी निगाहें

Australia Women vs India Women, 3rd ODI Prediction: अहम मुकाबले में क्लीन स्वीप करना चाहेगी ऑस्ट्रेलिया महिला, सम्मान बचाने उतरेगी भारत महिला, मैच से पहले जानें कौनसी टीम मार सकती है बाजी

Zimbabwe vs South Africa, ICC Men's T20 World Cup 2026 Date And Time: कब और कितने बजे से खेला जाएगा जिम्बाब्वे बनाम दक्षिण अफ्रीका सुपर 8 मुकाबला? इस स्टेडियम में भिड़ेंगी दोनों टीमें, यहां जानें वेन्यू समेत मैच से जुड़ी सभी जानकारी

\