मुंबई, 30 मई मुंबई की एक विशेष अदालत ने सरकारी जेजे अस्पताल को एल्गार परिषद मामले में गिरफ्तार कार्यकर्ता वरवर राव की स्वास्थ्य रिपोर्ट देने का शनिवार को निर्देश दिया।
उल्लेखनीय है कि चक्कर आने की शिकायत पर 81 वर्षीय राव को तलोजा जेल से बृहस्पतिवार देर शाम अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
यह भी पढ़े | आरजेडी नेताओं पर मामला दर्ज होने पर नीतीश कुमार पर भड़के तेजस्वी यादव, कहा-हमें डरा नहीं सकते.
स्वास्थ्य आधार पर अंतरिम जमानत देने की राव की याचिका अदालत के समक्ष लंबित है और उस पर दो जून को सुनवाई होने का कार्यक्रम है।
राव के वकील ने शनिवार को अदालत से अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करने का अनुरोध किया, जिस पर अदालत ने जेजे अस्पताल से राव की चिकित्सा रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया।
सुनवाई के दौरान राव का पक्ष रख रहे वकील ने कहा कि आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराना मामले की गंभीरता को दिखाता है। इसलिए, आरोपी की चिकित्सा रिपोर्ट और मौजूदा परिस्थिति को देखना जरूरी है।
याचिका स्वीकार करते हुए अदालत ने अस्पताल से राव की मेडिकल स्थिति पर रिपोर्ट तलब की।
गौरतलब है कि राव और 10 अन्य नागरिक स्वत्रंतता कार्यकर्ताओं के खिलाफ माओवादियों से संबंध तथा सरकार को उखाड़ फेंकने की साजिश रचने के आरोप में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के सख्त प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है।
उनके खिलाफ सबसे पहले पुणे पुलिस ने कोरेगांव भीमा हिंसा मामले में मामला दर्ज किया था।
पुलिस के मुताबिक 31 दिसंबर 2017 को पुणे में आयोजित एल्गार परिषद में इन कार्यकर्ताओं ने भड़काऊ बयान दिया था, जिसकी वजह से अगले दिन हिंसा हुई।
पुलिस ने कहा कि आरोपी प्रतिबंधित माओवादी समूह के सक्रिय कार्यकर्ता हैं। इसके बाद, मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी गई थी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)











QuickLY