देश की खबरें | न्यायालय ने धोखाधड़ी मामले में तेलंगाना उच्च न्यायालय की ‘कठिन’ जमानत शर्तों को निरस्त किया

नयी दिल्ली, एक दिसंबर उच्चतम न्यायालय ने धोखाधड़ी के एक मामले में तेलंगाना उच्च न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत के लिए लगायी गयी कुछ ‘कठोर’ शर्तों को बृहस्पतिवार को निरस्त कर दिया।

उच्च न्यायालय ने वियतनाम में रह रहे इस आरोपी पर अग्रिम जमानत की शर्तों के अंतर्गत आरोपपत्र दाखिल होने तक पुलिस स्टेशन में हर सप्ताह दो बार (रविवार और बुधवार) पेश होने तथा बैंक एवं सम्पत्ति का ब्योरा देने जैसी शर्त रखी थी।

अन्य शर्तों में कहा गया था कि आरोप-पत्र दाखिल किये जाने के बाद आरोपियों को महीने में एक बार पहले रविवार को थाना प्रभारी के समक्ष पेश होना होगा।

प्रधान न्यायाधीश डी. वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला की पीठ एक दंपती सहित तीन आरोपियों पर लगायी गयी शर्तों से नाखुश थी। इन आरोपियों में से एक वियतनाम में रहता है, जबकि दूसरा बेंगलुरु में।

पीठ ने कहा, ‘‘हम इन शर्तों को ‘कठिन’ प्रकृति का पाते हैं। इन शर्तों को निरस्त किया जाता है।’’

शीर्ष अदालत ने कहा कि दंपती में से एक वियतनाम में काम करता है और दूसरा बेंगलुरु में, ऐसे में तेलंगाना पुलिस के समक्ष सप्ताह में दो बार उनकी पेशी की शर्तें रखना बहुत ही परेशानी भरा था।

शीर्ष अदालत धोखाधड़ी के एक मामले में अग्रिम जमानत के लिए कुछ शर्तें लगाने के उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ ए. नंद कुमार और अन्य की अपील पर सुनवाई कर रही थी।

पीठ ने यह कहते हुए जमानत की तीन शर्तों को रद्द कर दिया कि ‘‘उच्च न्यायालय के बाकी आदेश में छेड़छाड़ नहीं किया जाता है।’’

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