जरुरी जानकारी | अदालत ने चीनी फर्म की वेबसाइटों, मोबाइल ऐप को प्रतिबंधित करने की याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा

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नयी दिल्ली, 16 नवंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को चीनी कंपनी एसपीपीआईएन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित ई-कॉमर्स वेबसाइटों और मोबाइल ऐप्लिकेशन को प्रतिबंधित करने के लिए दायर एक याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा।

याचिका में इन वेबसाइटों और मोबाइल ऐप्लिकेशन से देश की सुरक्षा और अखंडता को खतरा होने का आरोप लगाते हुए उन्हें प्रतिबंधित करने की मांग की गई है।

मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने इस संबंध में नोटिस जारी किया और केंद्र से याचिका पर जवाब देने को कहा। मामले की अगली सुनवाई 11 जनवरी को होगी।

जनहित याचिका में कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया गया है कि वह प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) नीति और विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के मानदंडों का उल्लंघन कर रही है।

कंपनी ई-कॉमर्स वेबसाइट - ‘सेलर डॉट शॉपी डॉट इन’ और ‘शॉपी डॉट इन’ और एक मोबाइल एप्लिकेशन - ‘शॉपी: ऑनलाइन शॉपिंग’ का संचालन कर रही है।

याचिकाकर्ता वकील शशांक शेखर झा ने केंद्र को यह निर्देश देने की मांग की कि एसपीपीआईएन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और यहां बनाई गईं इसी तरह की अन्य संस्थाओं को मिले विदेशी निवेश की जांच की जाए।

याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता संजीव पुरी ने कहा, ‘‘एसपीपीआईएन के कार्यों और प्रतिवादियों की निष्क्रियता से भारत की सुरक्षा, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के लिए एक गंभीर खतरा पैदा होने की आशंका है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘याचिकाकर्ता को लगता है कि एसपीपीआईएन द्वारा जमा किए गए भारतीय नागरिकों के सार्वजनिक और निजी डेटा से छेड़छाड़ हो सकती है, क्योंकि इसे ऐसे डेटा क्लाउड स्पेस पर संग्रहीत किया जाता है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से चीनी सरकार के पहुंच में हैं।’’

याचिका में आरोप लगाया गया कि एसपीपीआईएन अपनी होल्डिंग कंपनियों के साथ मिलकर एफडीआई नीतियों और फेमा नियमों सहित देश के कानूनों का उल्लंघन कर रही है।

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