देश की खबरें | अदालत ने जासूसी मामले में पत्रकार राजीव शर्मा की जमानत याचिका खारिज की
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नयी दिल्ली, 20 अक्टूबर दिल्ली की एक अदालत ने शासकीय गोपनीयता कानून के तहत जासूसी के मामले में गिरफ्तार स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा की जमानत याचिका खारिज कर दी ।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने शर्मा को राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि उनके खिलाफ रिकॉर्ड पर समुचित प्रमाण रखे गए हैं। मजिस्ट्रेटी अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद आरोपी ने सत्र अदालत का रुख किया था।
अदालत ने कहा कि यह स्पष्ट है कि आरोपी के परिवार के सदस्यों ने गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश की । न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों के संबंध में समुचित प्रमाण पेश किए गए हैं ।
न्यायाधीश ने 19 अक्टूबर को जारी अपने आदेश में कहा, ‘‘आरोपी के खिलाफ रिकार्ड पर समुचित प्रमाण रखे गए हैं । बातचीत के विवरण, सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज गवाहों के बयान, आरोपी के ई-मेल अकाउंट से हासिल सूचना और जब्त दस्तावेज पर गौर करने के बाद मेरी राय में याचिकाकर्ता आरोपी के खिलाफ समुचित प्रमाण रखे गए हैं। ’’
जमानत याचिका का विरोध करते हुए पुलिस ने कहा कि आरोपी का विदेशी खुफिया अधिकारी से जुड़ाव था और संवेदनशील सूचना के बदले में अवैध तरीके से रकम हासिल की गयी ।
न्यायाधीश ने कहा, ‘‘आरोपों की गंभीरता, जांच के महत्वपूर्ण चरण पर गौर करते हुए मेरी राय में याचिकाकर्ता अदालत से राहत पाने का हकदार नहीं है । ’’आरोपी की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अदिश अग्रवाल पेश हुए ।
दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने कहा था कि 14 सितंबर को गिरफ्तार किए गए शर्मा के पास ‘‘रक्षा से संबंधित गोपनीय दस्तावेज मिले।’’ पुलिस ने कहा था कि दो अन्य आरोपी फर्जी कंपनियों के माध्यम से शर्मा को बड़ी रकम का भुगतान कर रहे थे।
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