नयी दिल्ली, एक अप्रैल दिल्ली उच्च न्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों को नोटिस जारी करने के खिलाफ केंद्रीय एजेंसी की याचिका पर सुनवाई के लिए चार अप्रैल की तिथि तय की।
अदालत ने राज्य पुलिस से इस बीच कोई भी कार्रवाई नहीं करने को कहा।
न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने निर्देश दिया कि नोटिस को चुनौती देने वाली 17 मार्च की ईडी की याचिका को मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा जारी किए गए समन से संबंधित एक अन्य याचिका पर सुनवाई करने वाले न्यायाधीश के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए।
अदालत ने कहा, ‘‘हम इस पर सोमवार (चार अप्रैल) को सुनवाई करेंगे।’’
पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता विकास पाहवा ने कहा कि इस दौरान कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
ईडी की ओर से पेश हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस. वी. राजू ने अदालत से उस समय तक एजेंसी के अधिकारियों को संरक्षण देने का आग्रह किया, जब तक कि चार अप्रैल को मामले की सुनवाई नहीं हो जाती।
ईडी की याचिका में कहा गया है, ‘‘प्रवर्तन निदेशालय द्वारा धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की जा रही जांच को पटरी से उतारने और देरी करने के इरादे से उक्त प्राथमिकी दर्ज की गई है।’’
अदालत ने पिछले साल दिसंबर में इस मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा ईडी अधिकारियों को जारी किए गए दो नोटिस पर रोक लगा दी थी।
तृणमूल कांग्रेस की एक शिकायत पर अप्रैल 2021 में पश्चिम बंगाल में पुलिस ने रिकॉर्ड की जालसाजी, प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और मानहानि के उद्देश्य से जालसाजी के अपराधों के लिए प्राथमिकी दर्ज की थी।
ईडी ने आरोप लगाया था कि 22 जुलाई, 2021 और 21 अगस्त, 2021 को जारी किए गए दो नोटिस कोयला चोरी मामले में जांच के लिए पूरी तरह से अवैध, दुर्भावनापूर्ण और ‘‘जवाबी कार्रवाई’’ के रूप में थे।
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