देश की खबरें | न्यायालय ने परिसीमन प्रक्रिया को लेकर दायर याचिका पर केन्द्र और असम सरकार को नोटिस जारी किया
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नयी दिल्ली, 27 मई उच्चतम न्यायालय ने 2021 की जनगणना का काम पूरा होने तक असम में विधान सभा और संसदीय सीटों के लिये परिसीमन का काम स्थगित रखने को लेकर दायर याचिका पर बुधवार को केन्द्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किये।

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय की पीठ इस साल 28 फरवरी के आदेश को निरस्त करने के लिये दायर याचिका पर विचार के लिये सहमत हो गयी। इस आदेश में असम में परिसीमन की प्रक्रिया स्थगित करने संबंधी आठ फरवरी 2008 की अधिसूचना रद्द कर दी गयी थी।

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पीठ ने अधिवक्ता फुजैल अहमद के माध्यम से दायर याचिका पर वीडियो कांफ्रेन्स के जरिये सुनवाई करते हुये केन्द्र और असम सरकार के साथ ही परिसीमन आयोग को नोटिस जारी किये। पीठ ने इन सभी को 2001 की जनगणना के आधार पर परिसीमन प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।

यह याचिका असम के दो निवासियों ने दायर की है और उनका दावा है कि 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन की कार्यवाही किये जाने के बावजूद 2001 की जनगणना के आधार पर इसे करने का प्रयास किया जा रहा है।

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याचिका में इस साल 28 फरवरी को जारी नये आदेश को रद्द करने का अनुरोध करते हुये कहा गया है कि यह संविधान में प्रदत्त समता और जीने तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जैसे मौलिक अधिकारों का हनन करता है।

याचिका के अनुसार राज्य में इससे पहले कानून व्यवस्था की बिगड़ी हालत की वजह से परिसीमन का काम स्थगित कर दिया गया था।

अनूप

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