देश की खबरें | न्यायालय ने की तमिलनाडु के न्यायिक अधिकारियों की याचिका खारिज

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु के आठ न्यायिक अधिकारियों की वह याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद पर नियुक्ति के लिये अपने नामों पर विचार करने का अनुरोध किया था।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, चार सितंबर उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु के आठ न्यायिक अधिकारियों की वह याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने मद्रास उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद पर नियुक्ति के लिये अपने नामों पर विचार करने का अनुरोध किया था।

इन न्यायिक अधिकारियों की यह शिकायत थी कि जिला न्यायाधीशों के काडर में वरिष्ठतम होने के बावजूद उन्हें नजरअंदाज किया गया है और उनके कनिष्ठ सहयोगियों के नामों की उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद पर नियुक्ति के लिये सिफारिश की गयी है।

यह भी पढ़े | Rape Case Against BJP MLA Mahesh Negi: बीजेपी नेता महेश नेगी पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली महिला की नहीं होगी गिरफ्तारी, हाईकोर्ट ने दिया आदेश.

याचिकाकर्तार्ओं ने न्यायालय से अनुरोध किया था कि मद्रास उच्च न्यायालय की कॉलेजियम द्वारा न्यायाधीश पद पर नियुक्ति के लिये की गयी सिफारिशों की सूची लौटायी जाये।

प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमणियन की तीन सदस्यीय पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा, हमारा मानना है कि याचिकाकर्ताओं का दावा पूरी तरह असमर्थनीय है और इसलिए याचिका खारिज की जाती है।

यह भी पढ़े | Encounter In Baramulla District: जम्मू कश्मीर के बारामूला में मुठभेड़, सुरक्षाबलों ने 3 आतंकी को किया ढेर, सर्च ऑपरेशन जारी.

पीठ ने इस तथ्य का जिक्र किया कि याचिकाकर्ताओं का चयन और नियुक्ति 18 फरवरी, 2011 को सीर्धी भर्ती के माध्यम से जिला न्यायाधीश (प्रवेश स्तर) के पद पर हुयी थी और इसलिए अमुक तारीख तक न्यायिक सेवा में दस साल पूरे नहीं किये थे।

इन न्यायिक अधिकारियों की दलील थी कि उच्च न्यायालय में न्यायाधीश पद पर नियुक्ति के लिये वकील के रूप में उनके अनुभव को न्यायिक अधिकारियों की सेवा में शामिल किया जाना चाहिए।

पीठ ने कहा कि जब उच्च न्यायालय में पदोन्नति के माध्यम से एक तिहाई रिक्त स्थानों पर राज्य न्यायिक अधिकारियों की भर्ती होनी थी तो उस वक्त उच्च न्यायालय की कॉलेजियम ने पाया कि याचिकाकर्ताओं ने संविधान के अनुच्छेद 217 (2) में प्रदत्त प्रावाधान के अनुरूप न्यायिक सेवा में 10 साल पूरे नहीं किये थे।

अनूप

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

संबंधित खबरें

VD Satheesan Oath Ceremony: आज केरल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे वीडी सतीशन, खरगे, राहुल गांधी समेत कई दिग्गज नेता समारोह में होंगे शामिल

Bihar Train Fire Video: बिहार में सासाराम रेलवे स्टेशन पर खड़ी पैसेंजर ट्रेन में लगी भीषण आग, एक बोगी जलकर राख, यात्रियों ने किसी तरह ट्रेन से कूदकर बचाई जान

IPL 2026 Points Table With Net Run-Rate (NRR): राजस्थान रॉयल्स से जीतकर सातवें पायदान पर पहुंची दिल्ली कैपिटल्स, टॉप तीन पर इन टीमों का कब्जा, देखें अपडेट पॉइंट्स टेबल

DC vs RR, IPL 2026 62nd Match Scorecard: रोमांचक मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने राजस्थान रॉयल्स को 5 विकेट से दी करारी शिकस्त, केएल राहुल और अभिषेक पोरेल ने खेली ताबड़तोड़ अर्धशतकीय पारी; यहां देखें मैच का स्कोरकार्ड