ईद पर नमाज के लिए मस्जिद खोलने की अनुमति का निर्देश देने से अदालत का फिलहाल इनकार
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प्रयागराज, 20 मई इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने ईद की नमाज पढ़ने के लिए उत्तर प्रदेश में मस्जिदों व ईदगाहों को एक घंटे के लिए खोलने का निर्देश देने के अनुरोध वाली याचिका बुधवार को यह कहते हुए निस्तारित कर दी कि याचिकाकर्ता को इस संबंध में सबसे पहले राज्य सरकार से संपर्क करना चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने इस जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए कहा, “इस याचिका में दी गयी दलीलों को देखने से ऐसा नहीं लगता कि याचिकाकर्ता ने इस अदालत से संपर्क करने से पूर्व अपनी शिकायत के निवारण के लिए राज्य सरकार से कोई मांग की हो।”

अदालत ने कहा, “यह स्थापित व्यवस्था है कि आदेश की मांग करने वाले पक्ष को शिकायत दूर करने के लिए सबसे पहले सक्षम अधिकारी से संपर्क करना चाहिए। इसे देखते हुए हम इस चरण में इस मामले में हस्तक्षेप करने के इच्छुक नहीं हैं।”

अदालत ने कहा कि राहत देने से मना करने या इस पर विचार करने में अनुचित विलंब की स्थिति में याचिकाकर्ता उच्च न्यायालय का रुख करने को स्वतंत्र होगा।

इस जनहित याचिका में याचिकाकर्ता शाहिद अली सिद्दीकी ने अदालत से राज्य सरकार को उत्तर प्रदेश में ईद की नमाज के लिए मस्जिद व ईदगाह एक घंटे के लिए (सुबह 9 बजे से 10 बजे तक) खोलने तथा जुमे की नमाज के लिए 30 जून, 2020 तक खोलने की अनुमति देने का निर्देश जारी करने का अनुरोध किया था।

याचिकाकर्ता ने दलील दी थी कि राज्य सरकार द्वारा अन्य महत्वपूर्ण मामलों के लिए लॉकडाउन में ढील दी जा रही है, लेकिन विभिन्न धर्मों में पूजा के मामले में कोई ढील नहीं दी गई है।

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