नयी दिल्ली, 26 अगस्त खनन क्षेत्र की प्रमुख कंपनी वेदांता ने मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ बुधवार को उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में तमिलनाडु के तुतीकोरिन में स्टरलाइट कॉपर कारखाना को फिर से खोले जाने की अनुमति देने से इनकार किया है।
कंपनी का यह कारखाना प्रदूषण संबंधी चिंताओं के कारण मई 2018 से बंद है।
तमिलनाडु सरकार ने पहले ही शीर्ष अदालत में याचिका (कैविएट) दायर कर मामले में कोई भी आदेश देने से पहले उसका पक्ष सुने जाने का आग्रह किया है।
मद्रास उच्च न्यायालय ने 18 अगस्त को कंपनी की तांबा इकाई फिर से खोलने के आग्रह वाली याचिका को खारिज कर दिया।
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उच्च न्यायालय ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के इस रुख को स्वीकार किया कि कंपनी ने कारखाने के परिचालन में प्रदूषण पर ध्यान नहीं दिया।
उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के उस आदेश को बरकरार रखा जिसमें मई 2018 में कंपनी को अपना कारखाना बंद करने को कहा गया था।
वेदांता ने फरवरी 2019 में उच्च न्यायालय में अर्जी देकर स्टरलाइट संयंत्र खोले जाने की अनुमति देने का आग्रह किया था। यह कारखाना राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 23 मई, 2018 के आदेश के बाद से बंद है। कारखाने को लेकर 21 और 22 मई, 2018 को उग्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की गोलियों से 13 लोगों की मौत हो गयी थी।
कंपनी ने उच्चतम न्यायाल के सुझाव पर उच्च न्यायालय में अपील की थी। शीर्ष अदालत ने 18 फरवरी, 2019 को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के स्टरलाइट संयंत्र खोलने की अनुमति देने के आदेश को खारिज कर दिया था।
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